पारा पहुुंचा 40 के पार, जनजीवन बेहाल
बक्सर : अप्रैल माह के उत्तरार्द्ध के साथ-साथ अब मौसम का मिजाज भी गरम होता जा रहा है. दिन चढ़ने के साथ ही भगवान भास्कर की आग उगलती किरणों से बचने के लिए लोग अपने-अपने घरों में या छायादार स्थान तलाश कर लू से बचाव करने में ही भलाई समझ रहे हैं. सोमवार को भी […]
बक्सर : अप्रैल माह के उत्तरार्द्ध के साथ-साथ अब मौसम का मिजाज भी गरम होता जा रहा है. दिन चढ़ने के साथ ही भगवान भास्कर की आग उगलती किरणों से बचने के लिए लोग अपने-अपने घरों में या छायादार स्थान तलाश कर लू से बचाव करने में ही भलाई समझ रहे हैं.
सोमवार को भी पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया तो दिन के ग्यारह बजते ही नगर की सड़कें वीरान होने लग रही हैं. दोपहिया वाहन सवार और पैदल चलते राहगीर मुंह तथा सिर को गमछा और टोपी से ढक कर गरम हवा के थपेड़ों से बचाव करते नजर आये. मजदूर तबका छाएदार पेड़ों के नीचे दिन गुजारते और पानी से गला तर कर लू से बचने का प्रयास करते रहे.
इंसान-तो-इंसान पशु व पक्षी भी कड़ाके की धूप से बचने के लिए छायेदार वृक्षों के नीचे बैठे रह रहे हैं. शाम लगभग 5 बजे के बाद जब भगवान भास्कर की आग उगलती किरणें मंद पड़ रही हैं तो बाजार में रौनक लौट रही है.
लगन और गरमी का मौसम शुरू होते ट्रेनों में बढ़ी भीड़ : बक्सर: लगन का मौसम शुरू होते ही अब ट्रेनों में भीड़ बढ़ने लगी है. अपने बाल-बच्चों के साथ रिश्तेदारी में शादी को लेकर परदेश से लौटने का सिलसिला शुरू होते ही ट्रेनों में भीड़ बढ़नी शुरू हो गयी है. इसके अलावे गरमी की छुट्टियों में भी लोगों के आने व जाने का क्रम लग जाता है.
लंबी दूरी की मगध एक्सप्रेस, डाउन संघमित्रा एक्सप्रेस, हावड़ा-अमृतसर मेल, मुंबई, सूरत आदि रूटों से आने व जाने वाली ट्रेनों में लगे जेनरल तो जेनरल आरक्षित कोचों में भी तिल रखने की जगह नहीं मिल रही है. यहां तक कि घर पहुंचने की जल्दी में यात्रियों का कब्जा ट्रेन कोच के बाथरूम तक हो जा रहा है.
गरमी की छुट्टियां बिताने को लेकर ट्रेनों में बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए क्षेत्रीय लोगों ने समर स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की है. कहा कि इसके चलने से यात्रियों को काफी मिलेगी़