छठ मइया के गीत से गुलजार हुए गली-मोहल्ले व छठ घाट
व्रतियों ने तालाबों पर शाम 5 बजकर 45 मिनट पर अर्घ दिया
डुमरांव : मौसम की बेरुखी के बीच लोक आस्था का पर्व चैती छठ का पहला अर्ध्य छठ व्रतियों ने मंगलवार को पहला अर्घ दिया़ नगर के छठिया पोखरा सहित केसठ, चौगाई, सिमरी, नावानगर, चक्की, ब्रहमपुर प्रखंडों के विभिन्न गांवों में तालाबों पर व्रतियों ने शाम 5 बजकर 45 मिनट पर अर्घ दिया़ इस बाबत छठव्रती परिजनों ने कहा कि कुटुम्ब का आना क्या हुआ, मानों कुनबे में बहार आ गयी. व्रतियों ने मंगलवार को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ देकर परिजनों के लिए मंगलकामना की़
श्रद्धा और विश्वास के साथ अप्रतीम उल्लास से भरा हुआ पर्व सचमुच में लोक आस्था का पर्व है़ सभ्यताओं का यह अनुपम उपहार है. इसमें आस्था से हम अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने की ऊर्जा पाते हैं. सभ्यताओं के इतिहास में शायद अकेला और अनूठापन पर्व है, जहां डूबते सूर्य को भी अर्घदान, लाखों थपेड़ों निगाहें सुबह उगने की प्रतीक्षा में श्रद्घावनत रही है. व्रतियों के परिजन छठ पर्व पर गोला रोड, शहीद गेट,
चूड़ी बाजार में दोपहर तक खरीदारी करते दिखे. वहीं तपती धूप व उमस भरी गरमी से निजात पाने को लेकर व्रती व परिजन पांच बजे गाजे-बाजे के साथ छठ घाट पर पहुंचे.इधर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ देने वालों की भारी भीड़ छठ घाटों पर उमड़ी थी. इस दौरान बच्चों का भी उत्साह चरम पर था़
