पत्नी के हत्यारे को उम्रकैद

एडीजे उदय कुमार उपाध्याय ने सुनाया फैसला बक्सर, कोर्ट : अपनी ही पत्नी का गला रेतनेवाले अभियुक्त योगेंद्र ठाकुर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश छह ने सश्रम आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में अभियुक्त को दो माह और जेल में बिताने पड़ेंगे. […]

एडीजे उदय कुमार उपाध्याय ने सुनाया फैसला

बक्सर, कोर्ट : अपनी ही पत्नी का गला रेतनेवाले अभियुक्त योगेंद्र ठाकुर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश छह ने सश्रम आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में अभियुक्त को दो माह और जेल में बिताने पड़ेंगे. घटना 19 जून, 2010 की है. कृष्णाब्रह्म थाना के अरियांव गांव में पुलिस को यह सूचना मिली कि उसी गांव के रहनेवाले ललन ठाकुर का पुत्र योगेंद्र ठाकुर दाढ़ी बनानेवाले अस्तुरे से अपनी पत्नी के गले को बेदर्दी से काट दिया है. पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची, जहां अभियुक्त की पत्नी गुडि़या देवी खून से लथपथ छटपटा रही थी.
उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गयी. अभियोजन पक्ष ने मामले में कुल 10 गवाहों की गवाही दर्ज की थी, जिसमें सभी ने घटना को सही बताया. गवाहों ने बताया कि अभियुक्त दूसरी शादी करना चाह रहा था. साथ ही दहेज के लिए भी ससुराल पक्ष के लोगों को तंग किया करता था.दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को हत्या के संगीन अपराध में दोषी पाकर कठोर श्रम के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनायी. अभियोजन पक्ष की तरफ से अपर लोक अभियोजक आदित्य कुमार वर्मा उर्फ लड्डू जी ने बहस में हिस्सा लिया.

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