सात प्रखंडों के लिए मात्र दो है अग्निशामक वाहन
गरमी में बढ़ती आगलगी की घटनाओं से हो रहा लाखों का नुकसान
डुमरांव : अनुमंडल के सात प्रखंडों में अगलगी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए सरकारी तौर पर अनुमंडल मुख्यालय में दो अग्निशामक वाहनों की व्यवस्था की गयी है. इन्हीं वाहनों के सहारे जैसे-तैसे समय व असमय आग पर काबू पाया जाता है़ हालांकि अभी तक अग्निशामक दस्ते द्वारा अगलगी की सूचना के बाद मौके पर घंटों देर ही पहुंचा गया है, लेकिन यह भी एक मजबूरी है. क्योंकि विभाग के पास कुछ भी संसाधन अपडेट नहीं है, जिससे कार्रवाई तुरंत हो सके.
पानी की है घोर कमी
अग्निशामक वाहनों में पानी भरने के लिए प्रखंड मुख्यालय में एक मात्र बोरिंग की सुविधा है़ बोरिंग के सहारे ही अग्निशामक में पानी का भराव होता है़ इसे भरने के लिए करीब एक से डेढ़ घंटे की अवधी बितानी पड़ती है़ एेसी स्थिति में घटना स्थल पर समय से पहुंचने में परेशानी होती है. अगर दूर-दूराज के गांवों मे आग लगी, तो पहुंचने में भी खासे समय गवाने पड़ते है़ं
सांप-बिच्छू का बना है डर
अग्निशामक कर्मी प्रखंड मुख्यालय में जैसे-तैसे अपना जीवन गुजार रहे है़ं मुख्यालय के एक जर्जर गोदाम में इनके ठहरने की व्यवस्था की गयी है, जहां पानी, बेड व शौचालय की भी समुचित व्यवस्था नहीं है़
इन दस्तों को रात्रि पहर सांप-बिच्छुओं का भी भय सताता है़ कर्मियों का कहना है कि एेसी व्यवस्था में रतजगा कर रात गुजारने पर विवश रहते है़ं
24 घंटे की है ड्यूटी
इन दस्तों को आग से जूझने के लिए 24 घंटे की ड्यूटी निभानी पड़ती है़ लोगों के जन व धन को बचाने को लेकर तत्पर रहनेवाले पांच सदस्यों का दस्ता दिन रात मुस्तैद रहता है़ सदस्यों का कहना है कि सरकार अग्निशामक के लिए विशेष सुविधा के साथ कर्मियों को मूलभूत सुविधाएं भी प्रदान करें़
