नशेड़ी 15 दिनों में पा सकते हैं शराब से मुक्ति
अबतक नशामुक्ति केंद्र में नहीं आया एक भी मरीज
बक्सर : घर-घर पहुंची शराब एवं उसके प्रभाव से उत्पन्न समस्या से सरकार ने आम जनता को निजात दिलाने के लिए शराबबंदी का निर्णय लिया है. शराब की सेवन से लोगों की चेतन अवस्था में गड़बड़ी पैदा हो जाती थी. समझने की शक्ति क्षीण हो जाती है. यह सोसाइटी से अलग कर देता है. शरीर की सिस्टम को प्रभावित करता है. शराब की हर घर में पहुंच के कारण दुखी महिलाओं में आक्रोश का विस्फोट हुआ. महिलाओं द्वारा अपने घर के पुरुषों पर कठोर प्रतिबंध लगाया जाने लगा.
महिलाओं में शराब के प्रति फूटे आक्रोश के सामने सरकार को झुकना पड़ा और जिस सरकार ने घर-घर शराब पहुंचायी, उसने ही इस पर एक अप्रैल से पूर्णत: प्रतिबंध लगाया है. शराब के आदि लोगों के ऊपर पड़नेवाले दुष्परिणाम को समाप्त कर स्वास्थ्य बनाने के लिए उपाय किये गये हैं और जिले में नशा मुक्ति केंद्र खोला गया है. नशामुक्ति केंद्र में पूरी तरह ठीक होने में ऐसे मरीज को 15 दिनों का समय लगता है. छोड़ने पर दुष्परिणाम दो तरह का होता है. इस संबंध में सदर अस्पताल उपाधीक्षक और नशामुक्ति केंद्र के प्रभारी डॉ केएन गुप्ता ने विस्तृत रूप से चर्चा की.
तात्कालिक प्रभाव
शराब की आदि हो चुके लोगों में कुछ पर शराब नहीं मिलने पर 2-3 दिन में प्रभाव दिखने लगता है. मिरगी आना, हाथ पैर कांपने समेत अन्य लक्षण दिखते हैं.
दूरगामी प्रभाव
इसमें शराब छोड़ने के तीन से पांच दिनों में प्रभाव दिखता है. इसमें शराब छोड़ने के तीन से पांच दिनों में हाथ पांव कांपना, मिरगी आना, बेहोशी की हालत होने का लक्षण दिखता है.
डिटरेंट डाइ सल्फा
सर्वप्रथम इलाज की शुरुआत डाजियापाम एवं लोराजेपाम से शराबी का स्टेबलाइज किया जाता है. स्टेबलाइजेशन के बाद मरीज को आगे का इलाज किया जाता है. इसके बाद डाइसल्फीराम दवा की खुराक दी जाती है. यह दवा दिये जाने के बाद अल्कोहल से प्रतिक्रिया शुरू करता है, जो कष्टदायी लक्षण पैदा करती है और मरीज को अल्कोहल से घृणा पैदा कराती है, जिससे उसकी तरफ से विकर्षण पैदा हो जाता है.
प्रतिक्रिया के बाद लक्षण
डाइसल्फीराम दवा देने के बाद प्रतिक्रिया स्वरूप शराबी के शरीर कुछ लक्षण पैदा होते हैं. जैसे चक्कर आना, थकान महसूस होना, झिनझिनी होना, आंख की रोशनी पर असर, शरीर महकने लगेगा, पेट गड़बड़ जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.
एंटी क्रेमिंग एजेंट
एंटी क्रेमिंग एजेंट नामक दवा देने के बाद शराबी को शराब पीने की इच्छा कम करता है. शराब से दूर भगाता है, जो धीरे-धीरे 15 दिनों में शराब पीने की इच्छाशक्ति मार देता है.
डाइसल्फरान
अल्कोहल पीने के 12 घंटे बाद ही डाइ सल्फरान दवा शराबी को दी जानी चाहिए. इससे 10 से 14 दिन तक असर रहता है.
