बक्सर : 21 दिवसीय विजया दशमी महोत्सव के 15वें दिन सोमवार को रामलीला और कृष्ण लीला का मंचन किया गया. सोमवार को मां दुर्गा के पट खुलते ही दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी. ब्रज धाम से पधारे आदर्श कृष्ण लीला मंडली के कलाकारों ने रामलीला और कृष्ण लीला का मंचन किया. रात में रामलीला में सुग्रीव-मित्रता,
बाली वध और लंका दहन का मंचन किया गया. भगवान श्रीराम पंचवटी से आगे बढ़ते हैं, तो जंगल के सभी जीव और पशु-पक्षियों से सीता जी के बारे में पूछते हैं. इसके बाद सबरी आश्रम में पहुंचते हैं, जहां वर्षों से सबरी भगवान राम का इंतजार कर रही थी, जिसे पाकर गद्गद हो गयीं और उनके स्वागत में भाव विभोर होकर सबरी ने भगवान राम को जूठा बेर खिलाती हैं. भगवान राम सीता की खोज करते आगे बढ़ते हैं,
तो हनुमान के माध्यम से सुग्रीव से मित्रता होती है. सुग्रीव ने भगवान राम को सीता का पता लगाने का वचन देते हैं. इसके बाद बाली का वध होता है. हनुमान लंका पहुंचते हैं और सीता का पता लगाने के बाद लंका दहन करते हैं, जिसे धू-धू कर लंका जलने लगता है और इसके बाद हनुमान भगवान राम के पास पहुंचते हैं.
