डकैती व अपहरण मामले में दस वर्षों की सजा

25 वर्ष बाद मिला इंसाफ न्यायाधीश भरत तिवारी ने सुनाया फैसला बक्सर : कोर्ट. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय भरत तिवारी ने अपहरण एवं डकैती के मामले में छह अभियुक्तों को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. मामला तीन अगस्त 1991 का है. जब अभियुक्तों ने रामपुर मठिया गांव में रात […]

25 वर्ष बाद मिला इंसाफ

न्यायाधीश भरत तिवारी ने सुनाया फैसला
बक्सर : कोर्ट. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय भरत तिवारी ने अपहरण एवं डकैती के मामले में छह अभियुक्तों को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है.
मामला तीन अगस्त 1991 का है. जब अभियुक्तों ने रामपुर मठिया गांव में रात के एक बजे डकैती की घटना को अंजाम दिया था. अभियुक्तों ने लगभग 25 हजार रुपये की संपत्ति की डकैती की थी तथा जाते समय एक ढाई साल के बच्चे का अपहरण भी कर लिये थे, जिसे पुलिस ने कुछ दिनों बाद बरामद कर लिया. दहशत फैलाने के लिए जाने के क्रम में अभियुक्तों ने फायरिंग भी की थी. इसमें कुल आठ अभियुक्तों के खिलाफ मामले दर्ज किये गये थे,
लेकिन सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दो अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. वहीं, अभियुक्त रामचंद्र भर, जगदेव सिंह, रामरूप यादव, मोहन यादव, अमीचंद यादव, हरेंद्र यादव को घटना में दोषी पाकर न्यायालय ने भारतीय दंड विधान की धारा 395 के तहत 10 वर्ष की सजा एवं 10 हजार रुपये जुर्माना एवं भादवि की धारा 364 के तहत 10 वर्ष एवं 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है. जुर्माना नहीं देने पर छह माह और सजा जेल में काटना पड़ेगा. सुनवाई में सरकार की तरफ से अपर लोक अभियोजक बेचन राम ने बहस में हिस्सा लिया.

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