सिंचाई संकट : धान की फसल बचाने को लेकर किसान चिंतित

डुमरांव : इलाके के विभिन्न क्षेत्रों में किसानों द्वारा धान की खेती की गयी है. किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए रात-दिन जी जान से मेहनत करनी पड़ रही है. बावजूद किसान हताश एवं चिंतित हैं. किसानों का कहना है कि काफी मेहनत के बीच अपने-अपने खेतों में फसलों की सिंचाई करनी पड़ी […]

डुमरांव : इलाके के विभिन्न क्षेत्रों में किसानों द्वारा धान की खेती की गयी है. किसानों को अपनी फसलों को बचाने के लिए रात-दिन जी जान से मेहनत करनी पड़ रही है. बावजूद किसान हताश एवं चिंतित हैं. किसानों का कहना है कि काफी मेहनत के बीच अपने-अपने खेतों में फसलों की सिंचाई करनी पड़ी है.

अब किसानों को कहीं से भी पानी की व्यवस्था नहीं दिख पा रही है. इस हालत में जिन किसानों के पास निजी ट्यूबवेल की व्यवस्था है, वैसे किसान पानी की व्यवस्था करके किसी तरह फसलों की सिंचाई कर पा रहे हैं तथा जिन किसानों को बारिश व नहर के पानी पर आसरा है, वैसे किसानों को काफी मुश्किलों के दौर से गुजरना पड़ रहा है.
किसान भोला तिवारी, सुरेंद्र सिंह, जोगिंदर सिंह, डॉ धर्मवीर उपाध्याय का कहना है कि पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण इलाके के बहुत से किसानों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है.
इस हालत में किसान सुबह होते ही अपने घर से निकल जाते हैं और खेत तक पहुंचकर पानी की व्यवस्था करने में जुटे रहते हैं. किसानों ने बताया कि पानी के अभाव में फसलें सूखने के कगार पर पहुंचने लगी है, तथा दूर-दूर तक खेतों में दरार पड़ने लगे हैं.
इस स्थिति को देखकर किसान चिंतित हो रहे हैं. किसानों ने बताया कि हर साल किसानों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है. कुछ दिन पहले सिकरौल-डुमरांव रजवाहा में पानी आने के बाद किसानों को लाभ मिला था. वहीं अंतिम छोर तक के किसानों को अभी भी सिंचाई की समस्या उठानी पड़ रही है.

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