डुमरांव : रोहिणी नक्षत्र शुरू होने में शेष पांच दिन बचे हैं. रोहिणी नक्षत्र के आगमन के पूर्व किसान अपने खेतों की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन अभी तक किसानों को नहर से पानी नहीं मिलने की आसार है.जिस कारण उनकी चिंता बढ़ गयी है. किसानों को विश्वास था कि रोहिणी नक्षत्र के आगमन के पूर्व नहर में पानी आ जायेगा, लेकिन अब किसान इस बात से चिंतित हैं कि नक्षत्र शुरू होने में मात्र पांच दिन ही शेष रह गया है.
रोहिणी नक्षत्र शुरू होने के पांच दिन शेष, सिंचाई संकट
डुमरांव : रोहिणी नक्षत्र शुरू होने में शेष पांच दिन बचे हैं. रोहिणी नक्षत्र के आगमन के पूर्व किसान अपने खेतों की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन अभी तक किसानों को नहर से पानी नहीं मिलने की आसार है.जिस कारण उनकी चिंता बढ़ गयी है. किसानों को विश्वास था कि रोहिणी नक्षत्र के आगमन के […]

जो 25 मई से शुरू होकर पंद्रह दिनों तक चलेगा, लेकिन अभी तक नहर में पानी नहीं आया, इलाके के अमसारी, अरियांव, मठिला, कोरानसराय, कोपवां, मुगांव सहित कई जगहों के किसान पानी के अभाव में परेशान दिख रहे हैं. किसान जय प्रकाश, मनोज कुमार पांडेय, हरेंद्र तिवारी, शिव पासवान कहते हैं कि रोहिणी नक्षत्र में खेतों में बीज डालने पर फसल अच्छे तैयार होते हैं और इन फसलों में किसी प्रकार के कीट के प्रकोप नहीं होते. इसके चलते रोहिणी नक्षत्र में किसान अपने खेतों में बिचड़ा डालते हैं.
पानी की आस में किसान
पानी के आस में किसान नहर से पानी मिल जाने की उम्मीद में टकटकी लगाये हुए हैं. किसानों का कहना है कि चिंता अब इस बात की है कि अगले बीते वर्ष के दौरान भी समय बीत जाने के बाद भी रोहिणी नक्षत्र में नहर में पानी नहीं आया था, इसके कारण किसानों को काफी मुश्किल उठानी पड़ी थी और किसी तरह डीजल पंप के सहारे खेतों में पटवन करके बिचड़े डालने पड़े थे.
समय बीत जाने के बाद आता है पानी
किसानों का कहना है कि किसान तो हर साल इसी उम्मीद में रह जाते हैं कि समय-समय पर नहर से पानी किसानों को मिलेगा, लेकिन समय बीत जाने के बाद ही नहर विभाग के द्वारा रजवाहा में पानी छोड़ा जाता है. जबकि इलाके कुछ किसानों का कहना है कि कोरानसराय-डुमरांव रजवाहा में समय बीत जाने पर पानी आता तो है, लेकिन रामपुर के आगे पानी नहीं पहुंच पाता, जिसके कारण अधिकतर किसानों के खेत खाली रह जाते हैं और आसमान से भी समय से बारिश नहीं होने पर काफी कठिनाइयों का सामना करते हैं.