डुमरांव : कोरानसराय-डुमरांव रजवाहा से जुड़े किसानों की चिंताएं बढ़ गयी हैं. कारण रजवाहे में घास उग आये हैं. रजवाहे की सफाई नहीं कराये जाने से किसानों को रोहिणी नक्षत्र में नहरों के जरिये पानी मिलने की कम उम्मीद है.
जबकि 25 मई को रोहिणी नक्षत्र शुरू हो रहा है. इलाके के कोरानसराय- डुमरांव एवं सिकरौल-डुमरांव रजवाहा से जुड़े किसानों को हर साल रोहिणी नक्षत्र के आगमन के पहले पानी आने का इंतजार करना पड़ता है. इसको लेकर किसानों को रोहिणी नक्षत्र के आगमन के दौरान खेत तैयार करने के वक्त पटवन करने के लिए पानी को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
जबकि रोहिणी नक्षत्र के बीत जाने के बाद भी नहर विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण रजवाहा में पानी नहीं आता है, जिससे किसान थककर डीजल के सहारे बोरिंग के माध्यम से धान का बिचड़ा डालते हैं. इस हालत में किसानों के चेहरे पर मायूसी ही देखने को मिलती है.
किसान सरयू व दीपक का कहना है कि नहर से पानी नहीं आने के कारण इस हालत में इलाके के हताश परेशान किसानों को निजी ट्यूबवेल के सहारे ही पटवन करके खेतों को तैयार करना पड़ता है ताकि रोहिणी नक्षत्र में बिचड़े डाल सके, लेकिन खेतों को तैयार करने के बाद खेतों में डाले गये बिचड़े को बचाने में लाख मेहनत करने के बाद भी पानी के लिए किसानों के पसीने छूटते हैं.
किसानों का कहना है कि जब किसान खेती की तैयारी में जुट जाते हैं. उस वक्त रजवाहे में पानी समय से नहीं आता. किसान भोला , संजय यादव, मोहन, विजय प्रताप का कहना है कि रोहिणी नक्षत्र 25 मई को शुरू होकर 15 दिनों तक रहेगा जो खेतों में बिचड़े डालने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है.
ऐसा कहा जाता है कि जो किसान रोहिणी नक्षत्र मे बिचड़े अपने खेतों में डालते हैं. उसमें किसी प्रकार के रोग व बीमारी नहीं लगते. इसके चलते हमेशा इस नक्षत्र के आगमन पर ही किसान बिचड़ा डालते हैं. अब देखना यह है कि इस दौरान रजवाहा में पानी आ पाता है या नहीं.
