बक्सर : न्यायालय के आदेश को अनदेखी करना दारोगा को महंगा पड़ गया, कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किया है. उक्त आदेश को पुलिस अधीक्षक के माध्यम से कार्यान्वयन के लिए भेज दिया गया है.
इस संबंध में अपर लोक अभियोजक ददन जी सिन्हा ने बताया कि डुमरांव थाना कांड संख्या 202 सन 2011 में सुनवाई के लिए पुलिस अवर निरीक्षक अवधेश कुमार एवं थाना कांड संख्या 232 सन् 2017 में पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार तथा अनुमंडल अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक डॉ गिरीश कुमार सिंह सुनवाई के लिए न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे. हाजिर होने के लिए उनके खिलाफ पूर्व में जमानती वारंट जारी किया गया था. बावजूद इसके वे उपस्थित नहीं हुए थे.
सोमवार को एफटीसी प्रथम के न्यायाधीश अरुण कुमार श्रीवास्तव ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी कर दिया. गौरतलब हो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी पुलिस पदाधिकारियों के असहयोगात्मक रवैया के कारण मामले के निष्पादन में विलंब देखने को मिलता है. जिसे न्यायालय ने काफी गंभीरता से लिया है.
