डुमरांव : शांति व संस्कृति की सीख देता है चैता महोत्सव. ऐसे गायन पुरातन लोक सभ्यता में विलुप्त हो रहा है. चैता गायन के कलाकारों ने युवा पीढ़ी में इसे जीवंत कर भारतीय पहचान से बोध कराया. उक्त बातें चैता महोत्सव का उद्घाटन करते हुए बतौर अतिथि पूर्व मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहीं.
चैता महोत्सव में बही भारतीय सभ्यता और संस्कृति की बयार
डुमरांव : शांति व संस्कृति की सीख देता है चैता महोत्सव. ऐसे गायन पुरातन लोक सभ्यता में विलुप्त हो रहा है. चैता गायन के कलाकारों ने युवा पीढ़ी में इसे जीवंत कर भारतीय पहचान से बोध कराया. उक्त बातें चैता महोत्सव का उद्घाटन करते हुए बतौर अतिथि पूर्व मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने अपने संबोधन […]

मंगलवार की शाम शहर के हरिजी के हाता खेल मैदान में आयोजित इस महोत्सव में पूर्व मंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से सामाजिक समरसता और प्रेम भाईचारे का बढ़ावा मिलता है. जदयू के प्रदेश नेता रामबिहारी सिंह ने कहा कि चैत माह में प्राकृतिक सुंदरता का मनोरम दृश्य उभरता है.
खेतों में गेहूं की बाली व पेड़ों पर आम के मंजर की महक किसानों की आंखों में खुशी भर देते हैं. कार्यक्रम के पूर्व आयोजक मंडल के अध्यक्ष श्रीकांत सिंह कुशवाहा सहित अन्य ने अंगवस्त्र व माला पहनाकर आगत अथितियों का स्वागत किया.
महोत्सव में छपरा के व्यास पुलिस राय व बक्सर के शिवनारायण यादव की टीम ने अपने गायन से भारतीय लोक संस्कृति व चैता माह की महिमा की बखूबी पहचान बिखेरी. महोत्सव में दर्शकों ने देर रात तक आनंद लिया. चैत के महिनवा हो रामा के गायन पर दर्शकों ने इस खूब तालियां बजायीं.
शहीद जगदेव प्रसाद विचार मंच के संयोजक श्रीकांत सिंह ने गायकों को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया. मौके पर जदयू के युवा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ सुभाष चंद्रशेखर, महिला सेल के जिलाध्यक्ष प्रीति पटेल, विंध्याचल कुशवाहा, श्रीभगवान गुप्ता, वीरेंद्र कुशवाहा, विशोखाचंद, नथुनी खरवार, महेंद्र राम, संजय सिंह, लक्ष्मण चौधरी, अजित केसरी, बिजली राम सहित अन्य मौजूद थे.