बक्सर : जिले में रविवार को हुई बारिश से किसानों की परेशानी बढ़ गयी है. बारिश जिले के केवीके में 9.6 मिलीमीटर एवं कुकुढ़ा में 4.9 मिलीमीटर दर्ज की गयी है, जो फसलों के लिए हानिकारक है. बारिश एवं तेज हवा से समय से बोयी गयी सरसों, चना, मटर, मसूर, आलू एवं सब्जी वर्गीय फसलों के साथ-साथ आम, कटहल, बेल, बैर इत्यादि फलों के मंजूर धुलने एवं गिरने से उत्पादन पर काफी असर पड़ेगा.
वहीं किसानों के पानी एवं तेज हवा की वजह से गिरे हुए गेहूं में फलियां कम लगने की संभावना बढ़ गयी है. उनके दाने हल्के हो जायेंगे. इसके साथ ही बारिश की वजह से न्यूनतम तथा अधिकतम तापमान में भी परिवर्तन हुए हैं.
अगले पांच दिनों में न्यूनतम एवं अधिकतम तापमान में काफी परिवर्तन होने की संभावना है.तापमान न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस एवं अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस हो सकती है. इसकी जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र बक्सर के कृषि वैज्ञानिक डॉ देवकरण ने कहा कि जिले में बारिश के साथ ही हवा भी चली है.जिससे फसलों की फलियां एवं फूल गिरने के साथ ही गेहूं की गिरी फसलों में हल्के दाने आने की संभावना है.बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है.
अब बारिश क्यों ??
लोगों का कहना कि अगर ऐसे ही बारिश होती रही तो इस साल सरसों तेल के दाम में बढ़ोतरी की संभावना है.
किसानों का कहना है कि जिस समय बारिश की सख्त जरूरत थी उस समय तो बारिश हुई नहीं, ऐसे में बारिश से केवल नुकसान की ही संभावना है. बता दें कि पिछले कुछ दिनों से जिले में बारिश हो रही है. जिससे किसान काफी चिंतित दिखाई दे रहे हैं.
