ट्रेन लूट. बनारस में देना था लूटकांड को अंजाम
लुटेरे सासाराम और मुगलसराय में सीमांचल एक्सप्रेस में हुए थे सवार
बक्सर : अंतरराज्यीय ट्रेन लूट गिरोह का मास्टरमाइंड फिरोज महज 16 वर्ष का है. छोटी उम्र और शातिर दिमाग से उसने एक पूरा गिरोह ही बना लिया है. फिलहाल यह पुलिस के पकड़ से बाहर है. नसीम गिरोह का फिरोज के बाद दूसरे नंबर का सदस्य है. यूं कहें कि फिरोज का वह दाहिना हाथ है. पूरे फिल्मी अंदाज में गिरोह घटनाओं को अंजाम देता था. पकड़े गये सदस्यों को जब पुलिस ने देखा, तो एक पल के लिए उसकी भी आंखें फटी-की-फटी रह गयीं.
लूट की घटना को बनारस में अंजाम देना था, लेकिन फिरोज ने नसीम को जब फोन किया तो प्लान बदल गया और मुगलसराय में जोगबनी एक्सप्रेस में सभी लुटेरे सवार हो गये. टुड़ीगंज के समीप ट्रेन को चेनपुलिंग कर छह बजे सुबह के आसपास रोका और जैक लगाकर ट्रेन के एसएलआर बोगी को काट डाला और पार्सल बोगी में रखे सामान को ट्रैक पर गिरा दिया, जिसके बाद सभी लुटेरे ट्रेन से उतर गये. लुटेरे फरक्का एक्सप्रेस से आरा पहुंचे थे और फिर रिजर्व गाड़ी कर सासाराम पहुंचे, जहां से ट्रेन पकड़कर मुगलसराय पहुंचे.
छह मिनट में ही लूट लिये पार्सल बोगी में रखे सामान : एसीपी होने के बाद छह मिनट तक ट्रेन रुकी रही. इतने ही देर में गैंग के सभी सदस्यों ने ट्रेन में रखे सामान को लूट लिया. इसके बाद एक पिकअप वाहन पर सामान लादकर सासाराम की ओर रवाना हो गये. इसी दौरान लूट गिरोह का नसीम को एस्कार्ट टीम ने धर दबोचा, जिसे लेकर वह अपने साथ दानापुर चली गयी. जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, तो पूरा गिरोह एक साथ सासाराम से ट्रैप कर लिया गया. लूटपाट की घटना को अंजाम बिल्कुल फिल्मी अंदाज में देते हैं.
सूचना मिलने के साथ सतर्क हुई पुलिस, तो पकड़ में आये बदमाश : सूचना मिलने के साथ ही पटना से लेकर मुगलसराय तक रेल प्रशासन महकमे में हड़कंप मच गया. बिना समय गंवाये घटनास्थल पर गोरखनाथ राम पहुंचे, जहां पिकअप वैन का ड्राइवर पंचू यादव को हिरासत में लिया. पंचू यादव ने पुलिस को जिस जगह सामान को उतारा था वहां लेकर सासाराम पहुंचा. जहां टीम ने एक साथ सभी सदस्यों को धर दबोचा.
सासाराम में बना रखा था आशियाना : पकड़े गये सभी सदस्य मुगलसराय से लेकर गया तक घटना को अंजाम देते थे. घटना को अंजाम देने के बाद कुछ दिन के लिए गायब हो जाते थे. उम्र इतनी छोटी थी कि किसी को भी इस गिरोह पर शक नहीं होता था. हालांकि सासाराम में भी इन लोगों के द्वारा चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया गया है. जिस वक्त पुलिस टीम नगर थाना क्षेत्र के खिलनगंज मुहल्ले में छापेमारी करने गयी. उस वक्त मुहल्ले के लोग उग्र हो गये और चोरों को पुलिस के गिरफ्त से छुड़ाकर मारने का प्रयास किया. किसी तरह सभी को बचाकर पुलिस वहां से बक्सर पहुंची.
यूपी, बंगाल और बंगलादेश तक फैले हैं गिरोह के सदस्य : यूपी, बंगाल, बंगलादेश और झारखंड में गिरोह का नेटवर्क फैला हुआ है. सभी की उम्र 18 से 25 वर्ष के आसपास है. गिरोह के मास्टरमाइंड फिरोज की गिरफ्तारी को लेकर टीम का गठन किया गया है. इसके साथ गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी को लेकर यूपी, बंगाल तथा झारखंड में छापेमारी की जा रही है. आरपीएफ के कमांडेंट चंद्रभान मिश्रा ने बताया कि गिरोह के सभी सदस्य जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे.
पुरस्कृत होंगे सभी पुलिसकर्मी : टीम में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जायेगा. इसकी एक सूची बनाकर मुख्यालय को भेजी जायेगी, जिसके बाद टीम के सभी सदस्यों को पुरस्कृत किया जायेगा. इसकी जानकारी देते हुए कमांडेंट ने बताया कि आरपीएफ की तत्परता से अंतरराज्यीय ट्रेन लूट गिरोह के सभी सदस्य पकड़े गये.
