BPSC Teacher Vacency : BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी होने के बावजूद पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर छात्रों का आंदोलन जारी है. छात्र एकल परीक्षा की मांग पर अड़े हैं और PT-Mains की व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं. इसी बीच बिहार लोक सेवा आयोग ने परीक्षा को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है. BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा है कि TRE-4 में PT और Mains दोनों परीक्षाएं होंगी और आयोग अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगा.
TRE-4 में PT और Mains पर BPSC का फैसला तय
परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि आयोग ने सभी परीक्षाओं को लेकर नियम तय कर दिया है. अब कोई भी परीक्षा दो स्टेज से कम की नहीं होगी. परीक्षाएं दो या तीन चरणों में ही आयोजित की जाएंगी. उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सिर्फ बिहार में नहीं है, बल्कि देश के कई बड़े परीक्षा आयोग पहले से दो या तीन चरणों में परीक्षाएं आयोजित कर रहे हैं.
UPSC और कई राज्यों का दिया उदाहरण
BPSC परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि यह भ्रांति फैलायी जा रही है कि सिर्फ बिहार लोक सेवा आयोग ही दो चरणों में परीक्षा आयोजित कर रहा है. ऐसा नहीं है. UPSC समेत कई आयोग दो या तीन चरणों में परीक्षा लेते हैं. UPPSC और गुजरात में भी दो स्टेज की परीक्षा होती है. वहीं हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में भी दो या तीन चरणों में परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं.
उन्होंने कहा कि ऐसे में केवल एक परीक्षा की तैयारी के कारण किसी अन्य परीक्षा को छोड़ना उचित नहीं है. अभ्यर्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को समझकर अपनी तैयारी करनी चाहिए.
NEET के बाद राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिश का हवाला
दो चरणों वाली परीक्षा व्यवस्था को लेकर BPSC ने NEET-UG 2024 के बाद गठित राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिश का भी हवाला दिया. आयोग के परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि NEET परीक्षा में गड़बड़ी के बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कमेटी गठित की गयी थी. कमेटी ने परीक्षाओं को बेहतर तरीके से कराने के लिए दो स्टेज की परीक्षा का सुझाव दिया था.
इसके अलावा आर्थिक अपराध इकाई की ओर से भी आयोग को सुझाव मिला था कि सभी परीक्षाओं को कम से कम दो चरणों में कराया जाए. आयोग ने इन सुझावों पर विचार करने के बाद दो या तीन चरणों वाली परीक्षा व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया.
नेगेटिव मार्किंग पर भी आयोग ने साफ किया रुख
BPSC की परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग को लेकर भी छात्र सवाल उठा रहे हैं. इस पर परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि आयोग की सभी ऑब्जेक्टिव परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान है. किसी एक परीक्षा के लिए अलग से यह व्यवस्था नहीं की गयी है.
उन्होंने कहा कि नेगेटिव मार्किंग सभी अभ्यर्थियों के लिए समान है. इसका उद्देश्य अनुमान के आधार पर उत्तर देने की प्रवृत्ति को रोकना है, ताकि योग्य और मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का चयन हो सके.
गर्दनीबाग में छात्रों का आंदोलन जारी
TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों की मुख्य मांग एकल परीक्षा कराने की है. छात्रों का कहना है कि TRE-4 में PT और Mains की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए और एक ही परीक्षा के आधार पर चयन किया जाना चाहिए.
हालांकि आयोग की ओर से अब स्पष्ट कर दिया गया है कि PT-Mains की व्यवस्था में बदलाव नहीं किया जायेगा. ऐसे में छात्रों और आयोग के बीच गतिरोध बना हुआ है.
छात्रों के सामने अब बड़ा सवाल
BPSC के इस स्पष्ट बयान के बाद अब छात्रों के आंदोलन को लेकर स्थिति और महत्वपूर्ण हो गयी है. एक तरफ आयोग दो चरणों वाली परीक्षा व्यवस्था को लेकर अपने फैसले पर कायम है, तो दूसरी तरफ छात्र एकल परीक्षा की मांग पर आंदोलन जारी रखे हुए हैं.
अब देखना होगा कि क्या छात्र BPSC के फैसले को स्वीकार कर आंदोलन खत्म करेंगे या एकल परीक्षा की मांग को लेकर गर्दनीबाग में आंदोलन और तेज होगा.
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