IAS Rajesh Kumar Singh: बिहार में बीपीएससी टीआरई-4 को लेकर अब तक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है. सोमवार को आयोग के एग्जामिनेशन कंट्रोलर IAS राजेश कुमार सिंह शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. सवाल-जवाब के दौरान एक सवाल पर उनका दिया जवाब विवाद का कारण बन गया है. इतना ही नहीं, उन्हें उस बयान के लिए सस्पेंड तक कर दिया गया.
IAS अधिकारी राजेश कुमार सिंह के बारे में जानिए
28 अगस्त 1967 को जन्मे IAS राजेश कुमार सिंह 2014 बैच के बिहार कैडर के अधिकारी हैं. उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा-2014 पास करने के बाद बिहार कैडर चुना. स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाले राजेश कुमार सिंह को प्रशासनिक सेवा में तेज-तर्रार अधिकारियों में गिना जाता है.
बिहार लोक सेवा आयोग में भी उनका लंबा अनुभव रहा है. 20 अक्टूबर 2024 तक वे BPSC में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत रहे. इसके बाद उन्हें आयोग में परीक्षा नियंत्रक यानी एग्जामिनेशन कंट्रोलर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई. इस पद पर रहते हुए वे BPSC की अलग-अलग परीक्षाओं के आयोजन और उनसे जुड़े प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करते हैं.
क्यों हुए सस्पेंड, जानिए पूरा मामला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एग्जामिनेशन कंट्रोलर से पूछा गया था कि अगर छात्र गलत कॉपी दिखा रहे हैं तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? इस पर उन्होंने कहा था, यह आयोग का काम नहीं है. इस दौरान उन्होंने 'हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार' वाली कहावत भी कही. बयान का वीडियो सामने आने के बाद बिहार में विवाद खड़ा हो गया. छात्रों के साथ-साथ राजनीतिक नेताओं ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया.
मामला की गंभीरता को देख मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तत्काल संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी से बात की और सामान्य प्रशासन विभाग को राजेश कुमार सिंह के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके बाद एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है.
राजेश कुमार सिंह जताया था खेद
विवादित टिप्पणी सामने आने के बाद BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने मामले में खेद भी जताया. उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही गई बात महज एक कहावत थी, जिसे सोशल मीडिया पर मूल संदर्भ से अलग करके पेश किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी व्यक्ति, अभ्यर्थी या समूह की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था.
राजेश कुमार सिंह ने यह भी कहा कि अगर उनकी टिप्पणी से किसी की भावना आहत हुई है तो उन्हें इसका खेद है. लेकिन उनकी सफाई और खेद के बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ. आखिरकार उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.
