BPSC: सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी यानी AEDO परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों के बाद बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने सख्त कदम उठाया है. आयोग ने बायोमैट्रिक सेवा देने वाली एजेंसी M/s Sai Educare Pvt. Ltd. को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. साथ ही एजेंसी की बैंक गारंटी की राशि भी जब्त कर ली गई है.
जांच में क्या पता चला था
यह परीक्षा 14 अप्रैल से 21 अप्रैल के बीच मुंगेर, नालंदा, समस्तीपुर समेत कई जिलों में आयोजित की गई थी. परीक्षा के दौरान कई केंद्रों से कदाचार और गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने लगीं.
जांच में यह बात सामने आई कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी आयोग की तय सूची के अनुसार लगनी थी, उनकी जगह एजेंसी ने अपने स्तर पर दूसरे लोगों को तैनात कर दिया.
कंपनी पर आरोप है कि इसी के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और गड़बड़ी कराने की कोशिश की गई. कई जिलों में इस मामले को लेकर प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई.
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आयोग ने कई बार मांगा जवाब
BPSC ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एजेंसी से कई बार जवाब मांगा. आयोग ने शिकायतों, FIR और जांच रिपोर्ट के आधार पर एजेंसी की भूमिका की पड़ताल की. जांच में मिले तथ्यों के बाद आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि एजेंसी की ओर से नियमों का उल्लंघन हुआ है. एजेंसी का जवाब भी संतोषजनक नहीं माना गया.
इसके बाद BPSC ने साफ संदेश देते हुए एजेंसी को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया. अब यह एजेंसी आयोग के किसी भी काम में शामिल नहीं हो सकेगी. साथ ही उसकी बैंक गारंटी राशि जब्त कर ली गई है.
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