Bihar Politics: बिहार में बीते दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की मौजूदगी में बिहार इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया गया था. इसमें देश भर के कई नामी उद्योगपति और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए थे. इस बैठक में अडानी ग्रुप के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे. अब इसको लेकर बिहार बीजेपी के वरीय नेता सुशील कुमार मोदी ने बिहार सरकार से एक तीखा सवाल पूछा है. इस पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने सुशील मोदी को दिलचस्प अंदाज में फौरन जवाब दिया.
सुशील मोदी ने सरकार से पूछा सवाल
दरअसल, बिहार इन्वेस्टर्स मीट में अडानी ग्रुप के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे. इसी को लेकर सुशील मोदी ने बिहार सरकार से सवाल पूछा है कि क्या नीतीश सरकार Adani की कंपनी को सरकार बिहार में निवेश करने की अनुमति प्रदान करेगी या फिर नहीं. उन्होंने ट्वीट कर पूछा है कि अगर अडानी की कंपनी को बिहार में निवेश करने की अनुमति सरकार को नहीं देनी है, तो फिर सरकार ने अडानी ग्रुप के प्रतिनिधियों को Investors Meet में क्यों बुलाया था.
ललन सिंह ने किया पलटवार
सुशील मोदी के नीतीश सरकार पर हमला किये जाने के फौरन बाद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने मोर्चा संभाल लिया. उन्होंने सुशील मोदी के ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा कि ‘ज़रूर बुलाएंगे लेकिन बिहार को चूसकर दुनिया का दूसरा सबसे अमीर पूंजीपति बनने की अनुमति नहीं देंगे. ललन सिंह ने अपने ट्वीट में आगे लिखा है कि 2013 में उनकी (अडानी) संपत्ति कितनी थी ? और श्री नरेंद्र मोदी की सरकार के बाद आज 2022 में उनकी संपत्ति कितनी है, क्या इसका ज्ञान है आपको. आखिर कैसे संभव हुआ है ये ?
कई उद्योगपतियों ने इन्वेस्टर्स मीट में की थी शिरकत
बता दें कि बीते 29 सितंबर को पटना में ‘बिहार इन्वेस्टर्स मीट’ में अडानी ग्रुप, मोंटे कार्लो, बीपीसीएल सहित कई ग्रुप के उद्योपतियों व उनके प्रतिनिधियों ने शिरकत की थी. इस मीट का सीएम नीतीश समेत अन्य ने उद्घाटन किया था. मौके पर सीएम ने कहा था कि बिहार में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल और सुरक्षा है. जिसपर अडानी ग्रुप से विक्रम जय सिंघानिया ने खुशी जताई थी.
