संजय जायसवाल व रेणु देवी के जिले में ही हार गयी भाजपा, 18 साल बाद राजद ने किया सीट पर कब्जा

भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल और सरकार में उपमुख्यमंत्री रेणु देवी के गृह जिले में ही भाजपा हार गयी है. अब तक के नतीजों में भाजपा सबसे अधिक सीट जीतने वाली पार्टी जरुर बनती दिख रही है, लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर संजय जयसवाल से लेकर डिप्टी सीएम रेणु देवी तक को खुद उनके घर में बड़ा झटका लगा है.

पटना. बिहार विधान परिषद में नगर निकाय कोटे की 24 सीटों के लिए हुए चुनाव (Bihar MLC Result) में भाजपा के गढ़ में राजद ने सेंधमारी की गयी. भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल और सरकार में उपमुख्यमंत्री रेणु देवी के गृह जिले में ही भाजपा हार गयी है. अब तक के नतीजों में भाजपा सबसे अधिक सीट जीतने वाली पार्टी जरुर बनती दिख रही है, लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर संजय जयसवाल से लेकर डिप्टी सीएम रेणु देवी तक को खुद उनके घर में बड़ा झटका लगा है.

18 साल बाद राजद का कब्जा

पश्चिम चंपारण सीट पर भाजपा की करारी हार हुई है. 18 साल से जिस सीट पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा रहा, वहां इस बार राजद ने अपना झंडा गाड़ दिया है. पश्चिम चंपारण से ही प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल सांसद हैं और डिप्टी सीएम रेणु देवी का विधानसभा क्षेत्र भी यही है. इसके बावजूद यह दोनों नेता अपने घर में ही भाजपा को हार से नहीं बचा पाये हैं.

सच्चिदानंद राय भी जीत गये चुनाव

इतना ही नहीं, जिस सिटिंग एमएलसी का टिकट पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर संजय जयसवाल के कहने पर काटा था, वो निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल कर ली है. सारण सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे सच्चिदानंद राय ने जीत हासिल कर ली है. सच्चिदानंद राय सेटिंग थे, लेकिन उनका टिकट काटकर भाजपा ने दूसरे को दे दिया था. इसके बाद सच्चिदानंद राय ने भाजपा के प्रदेश नेतृत्व पर हमला भी बोला था.

साजिश का लगा था आरोप

सच्चिदानंद राय ने सीधा आरोप लगाया था कि भाजपा का प्रदेश नेतृत्व उनके खिलाफ साजिश करता रहा है. प्रदेश अध्यक्ष के कहने पर ही पार्टी ने उनका टिकट काट दिया. कहा जा रहा है कि संजय जायसवाल ले अपने आदमी को टिकट दिलवाया, लेकिन उसे जीत नसीब नहीं हुई और अब सच्चिदानंद राय एक बार फिर चुनाव जीतकर विधान परिषद पहुंच गये हैं. सच्चिदानंद राय की जीत डॉ संजय जायसवाल के लिए परेशानी का सबब बन सकता है.

भाजपा के गढ़ में राजद ने गाड़ा झंडा 

वैसे संजय जायसवाल अकेले ऐसे नेता नहीं हैं, जिनके इलाके में भाजपा की हार हुई है. भाजपा के कई दिग्गज नेता हैं जो अपने इलाके में पार्टी को जीत नहीं दिला पाये. पटना में पार्टी के 2 सांसदों, राज्य सरकार के मंत्री और आधा दर्जन से ज्यादा विधायक हैं, इसके बावजूद गठबंधन के उम्मीदवार को जीत नहीं दिलवा पाये. जदयू के उम्मीदवार वाल्मीकि सिंह की पटना सीट पर हार हुई और राजद के कार्तिक कुमार चुनाव जीत गये. जाहिर है भाजपा के मजबूत किले में जदयू की हार पर सवाल उठेंगे.

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