अस्त्र- शस्त्र और शास्त्रों के महान ज्ञाता की हुई पूजा

स्थानीय वर्धमान महावीर महाविद्यालय पावापुरी में बुधवार को ब्रह्म ऋषि भगवान श्री परशुराम जी की जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया़

बिहारशरीफ . स्थानीय वर्धमान महावीर महाविद्यालय पावापुरी में बुधवार को ब्रह्म ऋषि भगवान श्री परशुराम जी की जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया़ इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य इन्दू शरण सिंह ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने भगवान परशुराम के शास्त्रों के साथ साथ अस्त्रों और शस्त्रों में निपुणता को सराहा और कहा कि भगवान परशुराम न केवल शास्त्रों के महान विद्वान थे, बल्कि अस्त्र -शस्त्र में भी उनकी पूरी निपुणता थी. उनका जीवन आदर्श है और उनके कार्यों से हमें प्रेरणा मिलती है. समारोह में मुख्य अतिथि व निदेशक प्रो चंद्र भूषण प्रसाद सिंह ने भगवान परशुराम के जीवन के बारे में विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के दस अवतारों में से एक थे, और उनकी उपाधि ””””””””चिरंजीवी”””””””” के रूप में प्राप्त है. वे ब्रह्मास्त्र और क्षत्रिय तत्व दोनों में निपुण थे, और उनके कार्यों ने समाज में न्याय और धर्म की स्थापना की. समारोह में भगवान श्री परशुराम के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई. अन्य वक्ताओं ने भी उनकी जीवनगाथा पर चर्चा की . सभी उपस्थित व्यक्तियों ने भगवान परशुराम के योगदान को सराहा और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया. यह आयोजन न केवल भगवान परशुराम के योगदान को याद करने का अवसर था, बल्कि यह युवाओं को उनके जैसे महान व्यक्तित्व से प्रेरित होने का भी मौका था.

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Published by: Santosh kumar singh

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