विश्व मानव तस्करी दिवस के अवसर पर गुरुवार को हिलसा के गांधी नगर स्थित जन भवन में ज्वाइंट एक्शन नेटवर्किंग (जन) द्वारा एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित एवं श्रद्धांजलि अर्पण के साथ हुई.
मानव तस्करी के स्वरूप और रोकथाम के उपाय
सचिव रमाकांत शर्मा ने मानव तस्करी के विभिन्न स्वरूपों, इसके कारणों और रोकथाम के उपायों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्या से निपटने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है.
विशेष रूप से विद्यालयों में बच्चों के बीच नियमित जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि वे किसी भी प्रकार के झांसे, प्रलोभन या साइबर ठगी का शिकार न बनें.
लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें तथा बच्चों, महिलाओं और युवाओं की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें.
वर्ष 2026 की थीम और उद्देश्य
वक्ताओं ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2013 में 30 जुलाई को विश्व मानव तस्करी दिवस घोषित किया गया था. वर्ष 2026 की थीम (घोटाले के जाल में फंसे) है, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराध और मानव तस्करी के बढ़ते संबंधों के प्रति लोगों को जागरूक करना है.
संकल्प और उपस्थित लोगों के नाम
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने मानव तस्करी के खिलाफ समाज में व्यापक जन-जागरूकता फैलाने तथा इस अपराध की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया. इस अवसर पर बबली कुमारी, नीभा कुमारी, सुगंधा भारती, नेहा राज, रामबाबू कुमार, करण राज, विकास, पंकज, पियूष, रविकांत, सोनू सहित अन्य लोग उपस्थित रहे.
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