Nalanda News: नालंदा में साइबर अपराध के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस ने अवैध तरीके से कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय कर लोगों से ठगी करने वाले दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके पास से आठ मोबाइल फोन समेत स्क्रीन टच मोबाइल बरामद किये हैं. दोनों आरोपितों को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
गोठिया गांव में छापेमारी कर हुई गिरफ्तारी
साइबर थानाध्यक्ष ने बताया कि अस्थावां थाना क्षेत्र के गोठिया गांव में कुछ लोगों द्वारा साइबर ठगी किये जाने की गुप्त सूचना मिली थी. सूचना के सत्यापन के बाद नालंदा साइबर थाना पुलिस ने गोठिया स्थित मुर्गी फार्म और अन्य संदिग्ध घरों में छापेमारी की. पूछताछ और जांच के दौरान साइबर ठगी करने के तरीके का खुलासा हुआ.
ब्लूडार्ट एजेंट बनकर करते थे संपर्क
पुलिस के अनुसार, आरोपित खुद को ब्लूडार्ट का एजेंट बताकर लोगों से संपर्क करते थे. इसके बाद उन्हें पार्सल डिलीवरी के संबंध में फोन करने के लिए प्रेरित करते थे. इसी दौरान पीड़ित के मोबाइल पर फर्जी नंबर के माध्यम से कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय कर देते थे.
परिचितों को संकट में होने का देते थे झांसा
कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय होने के बाद आरोपित पीड़ित के परिचितों से संपर्क करते थे. पुलिस के अनुसार, वे परिचितों को संबंधित व्यक्ति के आपात स्थिति या संकट में फंसे होने का झांसा देकर रुपये की मांग करते थे. इस तरीके से साइबर ठगी को अंजाम देने का आरोप है.
ये दो आरोपित हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपितों में अस्थावां थाना क्षेत्र के गोठिया गांव निवासी रवि शंकर प्रसाद के 26 वर्षीय पुत्र रोहन पटेल और अनिल प्रसाद के 23 वर्षीय पुत्र मनीष कुमार शामिल हैं.
छापेमारी में इनकी रही अहम भूमिका
छापेमारी और गिरफ्तारी अभियान में नालंदा साइबर थाना के पुअनि अबू तालिब अंसारी, पुअनि तौकीर खान कुमार, पुअनि विवेक कुमार, सिपाही पुनेंश कुमार, सिपाही यश कुमार, सिपाही चंदन कुमार, सिपाही रविन चंद कुमार, सिपाही रवि कुमार, चालक सिपाही निरंजन कुमार तथा गृह रक्षक करण कुमार के अलावा नालंदा साइबर थाना और जिला आसूचना इकाई की टीम शामिल थी.
संदिग्ध कॉल और संदेश से सावधान रहने की अपील
साइबर थानाध्यक्ष ने लोगों से अपील की है कि फोन कॉल, व्हाट्सऐप कॉल, एसएमएस या विज्ञापन के माध्यम से प्राप्त किसी भी संदिग्ध सूचना पर तत्काल भरोसा न करें. किसी भी आपात स्थिति में रुपये भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर सूचना का सत्यापन जरूर करें.
