इंटरमीडिएट परीक्षा को कदाचार मुक्त तरीके से संपन्न कराएं अधिकारी : डीएम

इंटरमीडिएट परीक्षा को कदाचार-मुक्त तरीके से संपन्न कराने को लेकर डीएम शेखर आनंद की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया.

शेखपुरा. इंटरमीडिएट परीक्षा को कदाचार-मुक्त तरीके से संपन्न कराने को लेकर डीएम शेखर आनंद की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया. जिसमें 02 से 13 फरवरी तक चलनेवाली परीक्षा को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने को कहा गया है. परीक्षा को लेकर सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करने को कहा गया है. पहली पाली में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को सुबह 09 बजे से पहले हर हाल में परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा. जबकि, परीक्षा 9:30 से 12:45 तक चलेगी. वहीं दूसरी पाली में 1.30 तक प्रवेश दिया जायेगा. जबकि 2:00 से 5:15 बजे तक चलेगा. परीक्षा प्रारंभ होने के पश्चात किसी भी परिस्थिति में परीक्षार्थियों को 9.00 बजे के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के दौरान परीक्षार्थियों की सघन तलाशी लेने को कहा गया है. इसके साथ ही किसी भी परीक्षार्थी को मोबाइल या किसी तरह के इलेक्ट्रानिक गजट ले जाने की अनुमति नही होगी. दो बच्चों की बैठने की दूरी कम से कम 3 फीट होनी चाहिए. पेयजल, टॉयलेट, रोशनी तथा बैठने की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए. परीक्षार्थी अपने साथ सिर्फ प्रवेश पत्र लायेंगे. जूता-मौजा पहनकर केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी. प्रवेश द्वार पर ही जांच-पड़ताल के बाद जाने की अनुमति मिलेगी. इंटरमीडिएट परीक्षा में 11,294 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे. इनमें 5745 छात्र और 5549 छात्रा शामिल है.

सीसीटीवी से परीक्षा केंद्रों पर रखी जायेगी नजर, प्रतिदिन वीक्षकों का होगा रैंडमाइजेशन

सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी रखने को लेकर सीसीटीवी लगाये जायेंगे. इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर एक फोटोग्राफर की नियुक्ति की गई है. सभी वीक्षक अपने आवंटित कक्ष में सही से फ्रिस्किंग कार्य करने का निर्देश दिया गया है. परीक्षा केंद्र के बाहर केंद्र के बाहर सीटिंग प्लान एवं सभी कक्षों का रूट चार्ट प्रदर्शित किया जायेगा. प्रथम एवं द्वितीय पाली के परीक्षा समय तथा प्रवेश समय को परीक्षा केंद्र के बाहर स्पष्ट रूप से अंकित किया जायेगा. प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर माइक सिस्टम यंत्र लगाने को कहा गया है. वीक्षकों के योगदान के उपरांत उन्हें परीक्षा की गोपनीयता तथा संबंधित निर्देशों से अवगत कराया जाएगा। प्रतिदिन वीक्षकों का रैंडमाइजेशन किया जायेगा. प्रत्येक 25 परीक्षार्थियों पर एक वीक्षक की प्रतिनियुक्ति होगी, परंतु प्रत्येक कक्ष में कम से कम दो वीक्षक अनिवार्य रूप से रहेंगे. एक बेंच पर अधिकतम दो परीक्षार्थियों को बैठाने की अनुमति होगी, जिसके अनुसार सीटिंग प्लान तैयार किया जायेगा.

मुख्य द्वार बंद होने पर प्रवेश की नहीं होगी अनुमति : मुख्य द्वार बंद होने के बाद यदि कोई परीक्षार्थी अवैध रूप से प्रवेश का प्रयास करता है, तो वैसे छात्रों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी. ऐसे परीक्षार्थी को दो वर्ष के लिए परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा तथा प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. संबंधित परीक्षा केंद्र के कर्मियों की संलिप्तता पाये जाने पर उनके विरुद्ध निलंबन एवं कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी. सभी केंद्राधीक्षक प्रश्नपत्र वितरण चार्ट पालीवार तैयार करेंगे तथा प्रश्नपत्र खोलने संबंधी निर्देशों का पालन करेंगे.

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Author: AMLESH PRASAD

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