मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का लक्ष्य

सदर अस्पताल के सभागार में शुक्रवार को जिले के सभी प्रखंडों से आए स्वास्थ्यकर्मियों को गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन इन प्रेगनेंसी) विषय पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना तथा गर्भवती महिलाओं में समय पर बीमारी की पहचान और इलाज सुनिश्चित करना था.

बिहारशरीफ. सदर अस्पताल के सभागार में शुक्रवार को जिले के सभी प्रखंडों से आए स्वास्थ्यकर्मियों को गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन इन प्रेगनेंसी) विषय पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना तथा गर्भवती महिलाओं में समय पर बीमारी की पहचान और इलाज सुनिश्चित करना था. प्रशिक्षण भावना प्रिया, शिल्पा दुबे, नितिन और मंगेश ने स्वास्थ्यकर्मियों को इस रोग के प्रकार, लक्षण, संभावित जटिलताओं और रोकथाम के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। गर्भावस्था के दौरान मुख्यतः चार प्रकार के उच्च रक्तचाप देखने को मिलते हैं. प्रशिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि कई बार महिलाएं शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे स्थिति बिगड़ जाती है. उन्होंने कहा कि लगातार सिरदर्द, आंखों में धुंधलापन, पेट दर्द, और अत्यधिक सूजन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. स्वास्थ्यकर्मियों को बताया गया कि नियमित एएनसी जांच, ब्लड प्रेशर की निगरानी, पेशाब की जांच और संतुलित आहार इस बीमारी की रोकथाम में मददगार हैं.

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By SANTOSH KUMAR SINGH

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