वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति छात्र-छात्राओं में संवेदनशीलता व जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से राजगीर जू सफारी ने शनिवार को शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए 'जू एंबेसडर प्रोग्राम' की शुरुआत की है.
इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से कक्षा सातवीं, आठवीं और नौवीं के विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण का 'युवा दूत' बनने का सुनहरा अवसर मिलेगा. इसका मुख्य ध्येय बच्चों में जैव विविधता, प्रकृति संरक्षण और पर्यावरणीय नेतृत्व के गुणों को निखारना है.
विद्यालय स्तर पर चयन प्रक्रिया और अध्ययन सामग्री
जू सफारी प्रशासन के अनुसार, इस कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के आवेदन संबंधित विद्यालयों के माध्यम से राजगीर जू सफारी की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आमंत्रित किए जाएंगे.
आवेदन के बाद विद्यालयों को वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी विशेष अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी. इसी अध्ययन सामग्री के आधार पर विद्यालय स्तर पर एक परीक्षा आयोजित होगी. इस परीक्षा में कक्षा 7वीं, 8वीं और 9वीं से सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले एक-एक विद्यार्थी को संबंधित विद्यालय का 'जू एंबेसडर' चुना जाएगा.
जू एंबेसडर को मिलेंगे ये विशेष अधिकार और सुविधाएं
चयनित विद्यार्थियों का कार्यकाल एक शैक्षणिक वर्ष (अप्रैल से मार्च) का होगा. इस दौरान उन्हें वन्यजीव विशेषज्ञों, पशु चिकित्सकों और एनिमल कीपर्स से संवाद करने तथा वन्यजीव अस्पताल का भ्रमण करने का मौका मिलेगा.
इसके साथ ही जू एंबेसडर को कई अन्य सुविधाएं दी जाएंगी :
- जू पासपोर्ट और मुफ्त सफारी: कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को 'राजगीर जू सफारी जू एंबेसडर' की उपाधि, प्रमाण-पत्र, बैज और एक 'जू पासपोर्ट' प्रदान किया जाएगा. इस पासपोर्ट के जरिए विद्यार्थी दो वर्षों के भीतर राजगीर जू सफारी का पांच बार निःशुल्क गाइडेड भ्रमण कर सकेंगे.
- विशेष प्रशिक्षण और शैक्षणिक किट: विद्यार्थियों को निःशुल्क शैक्षणिक किट दी जाएगी और जू सफारी द्वारा आयोजित ईको-डे व संरक्षण कार्यक्रमों में ऑफलाइन व ऑनलाइन भाग लेने का अवसर मिलेगा.
- नेतृत्व का अवसर: चयनित छात्र अपने स्कूल, परिवार और समाज में पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों का नेतृत्व करेंगे, जिससे उनका संचार कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित होगी.
'जागरूक विद्यार्थी ही बनेंगे भविष्य के जिम्मेदार पर्यावरण संरक्षक'
राजगीर जू सफारी के निदेशक राम सुंदर एम. ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि 'जू एंबेसडर प्रोग्राम' भावी पीढ़ी को प्रकृति और वन्यजीवों से सीधे जोड़ने का एक अनूठा माध्यम है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज के जागरूक बच्चे ही आगे चलकर पर्यावरण के सच्चे संरक्षक बनेंगे. उन्होंने क्षेत्र के सभी विद्यालयों से इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है.
Also Read : गया जी : नीट पेपर लीक के विरोध में जीटी रोड पर छात्रों का प्रदर्शन, लगा लंबा जाम
