Sheikhpura News : (उमेश) शेखपुरा बरबीघा नंबर वन अस्पताल का अवार्ड जीत चुके रेफरल अस्पताल बरबीघा में पिछले आठ दिनों से रेबीज का इंजेक्शन नहीं है.
शुक्रवार को भी जगदीशपुर और उखदी गांव से रेबीज का इंजेक्शन लेने पहुंचे मरीजो को खाली हाथ लौटना पड़ा.उखदी गांव की रहने वाली रूबी देवी ने बताया कि उसके बेटे को चार दिन पहले गांव में कुत्ते ने काट लिया था.
क्या हैं पूरा मामला?
कुत्ता काटने के बाद बेटे को रेबीज का इंजेक्शन दिलाने रेफरल अस्पताल बरबीघा पहुंची तो बताया गया कि इंजेक्शन खत्म हो चुका है. इसके बाद जिला अस्पताल रूबी देवी ने बेटे को इंजेक्शन दिलाया. शुक्रवार को पुनः वह दूसरे डोज के लिए बेटे को लेकर रेफरल अस्पताल बरबीघा पहुंची लेकिन फिर से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ गया.
वही जगदीशपुर गांव से कुत्ता काटने के बाद रेबीज का इंजेक्शन लेने रेफरल अस्पताल बरबीघा पहुंचे सागर कुमार ने बताया कि उन्हें दो दिनों से घुमाया जा रहा है. गौरतलब हो कि रेफरल अस्पताल बरबीघा को कायाकल्प के द्वारा हाल ही में नंबर वन अस्पताल का अवार्ड भी दिया गया है.
लेकिन नंबर वन अस्पताल में पिछले आठ दिनों से रेबीज का इंजेक्शन नहीं होना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है.
विधायक निरीक्षण करने पहुंचे थे, तो बताया कि सब कुछ ठीक-ठाक
वही कुछ दिन पहले स्थानीय जदयू विधायक डॉ कुमार पुष्पांजय भी अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे. जांच के बाद उन्होंने बताया था कि अस्पताल में सब कुछ ठीक-ठाक है. लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. वही इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर फैजल अरशद से जानकारी लेने का प्रयास किया गया लेकिन वे 10:00 बजे तक भी अस्पताल नहीं पहुंचे थे.
मोबाइल पर अस्पताल के प्रबंधक त्रिलोकी नाथ पांडे ने बताया कि ऊपर से ही रेबीज के इंजेक्शन का सप्लाई बंद है. जल्द ही आम लोगों के लिए इंजेक्शन उपलब्ध हो जाएगा.
लेकिन सवाल यह है कि आखिर नंबर वन अस्पताल के प्रति जिला स्वास्थ्य समिति इतनी लापरवाही क्यों बरत रहा है.स्थानीय विधायक को आखिर किसने फील गुड करवा दिया.
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