शेखपुरा. एनजीओ की आड़ में मुंबई के उद्योगपतियों से ठगी करने के मामले में राष्ट्रीय लोक मोर्चा शेखपुरा के जिला सहसंयोजक उमेश कुमार सुमन को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस गिरफ्तार आरोपित को शेखपुरा न्यायालय में प्रस्तुत कर अपने साथ ले गयी. रालोमो नेता की गिरफ्तारी शेखपुरा शहर के बुधौली बाजार से सटे धोबघट्ठा मोहल्ला में स्थित उनके निजी आवास से की गयी. इस बाबत एसपी बलीराम चौधरी ने बताया कि मुंबई के हवाई अड्डा थाने में उनके विरुद्ध लगभग तीन करोड़ रुपये की ठगी का मामला दर्ज है. कांड संख्या 77/26 के आलोक में महाराष्ट्र पुलिस पिछले तीन दिनों से शेखपुरा में कैंप कर रही थी. इसी बीच विभिन्न पहलुओं की छानबीन के बाद गिरफ्तारी की गयी है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार रालोमो नेता पर एनजीओ की आड़ में लगभग तीन करोड़ रुपये उद्योगपतियों से ठगी करने के आरोप हैं. हालांकि इस मामले में शेखपुरा से रालोमो नेता की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस टीम इस पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए पड़ोसी जिलों में भी छापेमारी करने के लिए रवाना हो गयी है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुंबई पुलिस ने यह गिरफ्तारी सोमवार की देर रात्रि की है. मुंबई हवाई अड्डा थाने के पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार मात्रे के नेतृत्व में आयी महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने शेखपुरा टाउन थाना पुलिस के सहयोग से छापेमारी की एवं आरोपी को गिरफ्तार किया.
हो सकती थी नकद की बरामदगीपुलिस सूत्रों के मुताबिक छापेमारी के दौरान ही उक्त आरोपी के घर से करोड़ों रुपये की नगरी बरामद हो सकती थी. लेकिन मुंबई पुलिस की जल्दबाजी के कारण यह संभव नहीं हो सका. मुंबई पुलिस के द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद मौके पर कोई तलाशी नहीं ली गयी, बल्कि पूछताछ के लिए उन्हें टाउन थाना लाया गया. दोबारा जब महाराष्ट्र पुलिस उक्त आरोपी नेता के आवास पर पहुंचे तब तलाशी के दौरान किसी प्रकार की नगरी बरामद नहीं हो सकी. हालांकि पुलिस ने उक्त आरोपित के घर से तीन बेस कीमती मोबाइल फोन को भी जब्त किया है.
क्या है मामलापुलिस अधिकारियों के मुताबिक एनजीओ बनाकर बिहार के विभिन्न जिलों में फैले धोखाधड़ी से जुड़े इस नेटवर्क के द्वारा उद्योगपतियों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है. इस पूरे मामले में संचालित एनजीओ और ठगी के इस प्रकरण में रालोमो नेता उमेश कुमार सुमन अहम कड़ी के रूप में बताया गया है. पुलिस टीम के मुताबिक एनजीओ के विभिन्न कार्यक्रमों को संचालित करने के लिए उद्योगपतियों से निवेश कराया जाता है. इसके बाद रुपये वापसी करने के समय उद्योगपतियों को अपने पास बुलाकर उनसे एनजीओ में दान करने से जुड़ा हुआ तैयार दस्तावेज पर जबरन हस्ताक्षर करवा लेते है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हेरा फेरी के इस खेल में रालोमो नेता के समूचे नेटवर्क को महाराष्ट्र पुलिस खंगालने में जुट गयी है.
