पेपरलेस निबंधन से राजगीर में जमीन की रजिस्ट्री ठप, 5 दिनों में 80 लाख के राजस्व का नुकसान

राजगीर अवर निबंधन कार्यालय में पेपरलेस निबंधन प्रणाली लागू होने के बाद से जमीन की रजिस्ट्री पूरी तरह ठप है. इस नई व्यवस्था को लेकर फैली भ्रांतियों के कारण पिछले पांच दिनों में करीब 80 लाख रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान हुआ है.

Rajgir Paperless Registration : जमीन की खरीद-बिक्री करने वालों की भीड़ से गुलजार रहने वाला राजगीर अवर निबंधन कार्यालय इन दिनों वीरान नजर आ रहा है. बिहार में पेपरलेस निबंधन की नई व्यवस्था लागू होने के बाद यहां जमीन की रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप है. सोमवार 17 अगस्त से शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत अबतक एक भी क्रेता-विक्रेता निबंधन कराने कार्यालय नहीं पहुंचे हैं.

राजस्व को भारी नुकसान और अनुमानित आंकड़े

कार्यालय में कामकाज पूरी तरह ठप रहने के कारण पिछले पांच दिनों में विभाग को करीब 80 लाख रुपये से अधिक के राजस्व की क्षति होने का अनुमान लगाया गया है. इस स्थिति से विभागीय अधिकारियों और कर्मियों में भी चिंता बनी हुई है.

पेपरलेस निबंधन प्रणाली और इसके लाभ

अवर निबंधन पदाधिकारी ओंकार ने बताया कि पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लोगों के लिए काफी सुविधाजनक है. इसमें डीड तैयार करने से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया ऑनलाइन होनी है, जिससे लोगों को लंबी कतार में लगने से राहत मिलेगी.

कार्यालय में निबंधन कराने वालों का इंतजार करते निबंधन पदाधिकारी ओंकार | Prabhat Khabar Network

पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पारदर्शी एवं सुरक्षित होगी और निबंधन के बाद डिजिटल डीड सीधे लाभार्थी के व्हाट्सएप और एसएमएस पर भेजी जाएगी.

ई-हस्ताक्षर प्रणाली और भ्रांतियां

उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में ई-हस्ताक्षर के माध्यम से निबंधन किया जाएगा, जिससे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और पुराने दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की समस्या भी कम होगी.

Also Read : पर्यटन का नया ठिकाना बन सकती है गया जी की मंडा पहाड़ी, 7 गुफाएं और प्राचीन मूर्तियां हैं खास आकर्षण

उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था को लेकर कुछ लोगों के बीच भ्रांतियां फैली हुई हैं, जिसके कारण जमीन की रजिस्ट्री के लिए लोग कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं.

राजगीर के अवर निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा | Prabhat Khabar Network

दस्तावेज लिपिकों की स्थिति और कार्यालय की उपलब्धता

निबंधन कार्यालय प्रत्येक कार्य दिवस को खुला है और कोई भी व्यक्ति जमीन की खरीद-बिक्री के लिए आ सकता है.

वहीं, दस्तावेज लिपिक पेन डाउन स्ट्राइक से इनकार करते हुए कहते हैं कि जमीन खरीदने-बेचने वाले लोग ही उनके पास नहीं आ रहे हैं. यदि कोई किसान या रैयत जमीन की खरीद-बिक्री के लिए पहुंचते हैं, तो वे डीड लिखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By रामविलास प्रसाद

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >