राजगीर. नगर परिषद, राजगीर के वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित करने के लिए सामान्य बोर्ड की बैठक सोमवार को तीसरी बार बुलायी गयी है. लगातार दो बार बैठक विफल होने के बाद इस बार भी हंगामे और बहिष्कार की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है. वार्ड पार्षदों के बीच गुटबाजी साफ तौर पर सामने आ चुकी है. इससे बजट पारित होने पर संशय बना हुआ है. जानकारी के अनुसार पहली बजट बैठक 25 मार्च को आयोजित की गई थी. उसे सभी वार्ड पार्षदों ने सर्वसम्मति से बहिष्कार कर दिया था. तब बहिष्कार के पीछे उनकी मांगों की अनदेखी को प्रमुख कारण बताया गया था. हालांकि सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे कुछ आंतरिक राजनीतिक कारण भी थे. इसके बाद 24 अप्रैल को दूसरी बैठक बुलाई गयी. लेकिन उसमें भी पार्षदों के बीच एकजुटता नहीं बन सकी. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आशंका जताई जा रही थी कि दूसरी बैठक का भी वार्ड पार्षदों द्वारा बहिष्कार होगा. नगर परिषद की संभावित बदनामी से बचने के लिए उस बैठक को विधानसभा सत्र का हवाला देकर रद्द कर दिया गया. अब तीसरी बैठक 04 मई को निर्धारित है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई है. सूत्रों के मुताबिक वार्ड पार्षदों की मांगों को आंशिक रूप से पूरा किया गया है. लेकिन कई महत्वपूर्ण मांगें अब भी लंबित हैं. यही कारण है कि मामला अब भी अधर में लटका हुआ है. जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा पार्षदों को मनाने की कोशिश की जा रही है. लेकिन अबतक कोई ठोस सहमति नहीं बन पायी है. इधर अप्रैल में दो बार और मई में एक बार स्थायी सशक्त समिति की ताबड़तोड़ बैठक हो चुकी है. उन बैठकों में निर्माण एवं वित्त से जुड़े अनेकों महत्वपूर्ण ऐजेंडों का प्रस्ताव पारित किया गया है. उन प्रस्तावों को लागू करने के लिए सामान्य बोर्ड से मंजूरी मिलना अनिवार्य हो गया है. बताया जा रहा है कि पार्षदों का एक गुट नगर परिषद में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है, जबकि सत्ता पक्ष इस स्थिति से परेशान नजर आ रहा है. अब देखना यह है कि सोमवार को होने वाली बैठक में बजट पारित होता है या एक बार फिर गतिरोध कायम रहता है.
राजगीर नगर परिषद की बजट बैठक आज
नगर परिषद, राजगीर के वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित करने के लिए सामान्य बोर्ड की बैठक सोमवार को तीसरी बार बुलायी गयी है.
