नालंदा के रामविलास की रिपोर्ट
Rajgir Gurudwara Land Encroachment News: नालंदा जिले के राजगीर से सिख पंथ के धार्मिक गलियारे से भू-माफियाओं के खिलाफ और आस्था के केंद्रों की सुरक्षा से जुड़ी खबर सामने आई है. राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहब के शीर्ष पदाधिकारियों और प्रबंधन कमेटी के सदस्यों का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को राजगीर पहुंचा. इस दल ने ऐतिहासिक गुरुनानक देव शीतल कुंड एवं गुरुद्वारा परिसर का बारीकी से निरीक्षण कर गुरुद्वारा से संबंधित तमाम भू-संपत्तियों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया. निरीक्षण के बाद प्रतिनिधिमंडल ने भूमि अतिक्रमण के इस गंभीर मामले में जिला प्रशासन से तत्काल कड़े हस्तक्षेप की मांग की है.
ब्रह्मकुंड और उपाध्याय टोला की जमीनों पर भू-माफियाओं का कब्जा
मीडिया से बात करते हुए राज्य अल्पसंख्यक आयोग तथा तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहब के उपाध्यक्ष सरदार लखविंदर सिंह ने कई कड़े खुलासे किए. उन्होंने बताया कि प्रबंधन कमेटी और देश-विदेश की संगत से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गुरुद्वारा की कई जमीनों पर स्थानीय भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर रखा है. ब्रह्मकुंड परिसर स्थित गुरुद्वारा की भूमि पर बने एक भवन में फिलहाल ताला लगा हुआ है, जबकि यह वही पवित्र स्थान है जहां प्रथम सिख गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज ने अपने प्रवास के दौरान आसन लगाया था. सरदार लखविंदर सिंह ने दावा किया कि राजगीर के उपाध्याय टोला स्थित गुरुद्वारा की दो बड़ी भू-संपत्तियों पर भी भू-माफियाओं का अवैध कब्जा बरकरार है. इनमें एक 11 डिसमिल तथा दूसरी 23 डिसमिल की प्राइम लोकेशन वाली जमीन शामिल है. उन्होंने आरोप लगाया कि ये स्थल वर्तमान में पूरी तरह असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुके हैं.
2019 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिए थे निर्देश, कलेक्ट्रेट में डीएम को सौंपा गया ज्ञापन
उपाध्यक्ष ने याद दिलाया कि साल 2019 में गुरु नानक देव जी के 550वें ऐतिहासिक प्रकाश पर्व समारोह के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष भी यह मामला उठाया गया था. उस समय मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को समन्वय के साथ समाधान का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है. इसी सिलसिले में बुधवार को प्रतिनिधिमंडल ने नालंदा के जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसपर त्वरित जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई का पूरा आश्वासन दिया गया है. वहीं महासचिव सरदार इंद्रजीत सिंह ने चेतावनी दी कि गुरुद्वारा की जमीन पर कब्जा जमाने वाले लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को दोबारा मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्रियों के सामने उठाया जाएगा.
श्रद्धालुओं के लिए लंगर सेवा किसी भी परिस्थिति में न हो बाधित
तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहब ने स्पष्ट किया है कि जमीन वापस मिलते ही वहां समाज सेवा और धार्मिक गतिविधियों के विस्तार की योजनाओं पर तत्काल अमल शुरू कर दिया जाएगा.
इस निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने गुरुनानक देव शीतल कुंड सह गुरुद्वारा के पूरे रखरखाव की भी समीक्षा की. वहां तैनात स्थानीय प्रबंधक ललन शर्मा से तमाम व्यवस्थाओं की बिंदुवार जानकारी लेने के बाद पदाधिकारियों ने सख्त निर्देश दिया कि दूर-दराज से आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए चल रही चौबीस घंटे की लंगर सेवा किसी भी विपरीत परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए. गुरुद्वारा की सभी धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होती रहें, इसके लिए कलेक्ट्री प्रशासन भी सुरक्षा के मोर्चे पर मुस्तैद है.
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