नालंदा (बिहारशरीफ) से रामविलास की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : पर्यटक शहर राजगीर में हर घर तक गंगाजल की आपूर्ति सरकार की महत्वाकांक्षी और सराहनीय योजना मानी जा रही है. इससे लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है. योजना की सर्वत्र प्रशंसा भी हो रही है. लेकिन विडंबना यह है कि जितना गंगाजल लोगों के उपयोग में आ रहा है, उससे कहीं अधिक मात्रा में रोजाना पाइपलाइन लीकेज, ओवरफ्लो और अन्य लापरवाही के कारण सड़कों व नालियों में बहकर बर्बाद हो रहा है. शहर के कई मोहल्लों में पाइपलाइन से लगातार पानी रिसने और सार्वजनिक स्टैंडपोस्ट से घंटों पानी बहने की शिकायतें आम हो गई है.
गंगाजल बर्बादी की शिकायतों पर भी नहीं हुआ समाधान
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और नगर परिषद को इसकी जानकारी दी है. लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं होती है. परिणामस्वरूप प्रतिदिन लाखों लीटर गंगाजल व्यर्थ बह रहा है. हैरानी की बात यह है कि जल संरक्षण और संसाधनों के सदुपयोग पर अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की बैठकों में लंबी-लंबी चर्चाएं होती हैं. हाल ही में नगर परिषद बोर्ड की बैठक में भी इस आशय के प्रस्ताव लिये गये हैं. बैठक में जल बर्बादी रोकने, लीकेज दुरुस्त कराने और नियमित निगरानी जैसे प्रस्ताव भी पारित किए जाते हैं, लेकिन बैठक समाप्त होते ही इन प्रस्तावों पर अमल ठंडे बस्ते में चला जाता है.
राजगीर में लीकेज रोकने को लेकर विशेष अभियान चलाने की उठी मांग
न तो अधिकारी नियमित निरीक्षण करते हैं और न ही जनप्रतिनिधि इस दिशा में गंभीर पहल करते हैं. पर्यावरणविदों का मानना है कि गंगाजल जैसी बहुमूल्य संपदा की इस तरह बर्बादी न केवल सरकारी धन का नुकसान है, बल्कि जल संरक्षण के प्रति समाज की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करती है. नीरपुर मुख्यमंत्री प्रतिनिधि पंकज कुमार, लोदीपुर मुखिया प्रतिनिधि बागीश भूषण, पूर्व प्रखण्ड प्रमुख सुधीर कुमार पटेल एवं अन्य लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से शहरभर में विशेष अभियान चलाकर लीकेज दूर करने, जिम्मेदार कर्मियों की जवाबदेही तय करने और जल बर्बादी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.
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