Nalanda News: नालंदा जिले अंतर्गत प्रसिद्ध पर्यटक शहर राजगीर में बाल श्रम के खिलाफ श्रम संसाधन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. श्रम प्रवर्तन अधिकारी के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान दो प्रतिष्ठानों से दो बाल श्रमिकों को सुरक्षित विमुक्त कराया गया. विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के व्यवसायियों और बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठान संचालकों में हड़कंप मच गया है.
पटेल चौक व बिहारशरीफ रोड में चलाया गया चेकिंग अभियान
बुधवार को श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (LEO) अभिषेक कुमार के नेतृत्व में विशेष धावा दल ने राजगीर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों, पटेल चौक और बिहारशरीफ रोड स्थित विभिन्न दुकानों व प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया. जांच के दौरान पटेल चौक स्थित दो अलग-अलग दुकानों/प्रतिष्ठानों में दो छोटे बच्चों को श्रम करते पाया गया. धावा दल ने तत्परता दिखाते हुए दोनों बाल श्रमिकों को काम से मुक्त कराया और सुरक्षित अपनी अभिरक्षा में ले लिया.
रेस्क्यू किए गए दोनों बच्चों को नियमानुसार आवश्यक परामर्श व पुनर्वास हेतु बाल कल्याण समिति (CWC), बिहारशरीफ के समक्ष प्रस्तुत किया गया है.
दुकान संचालकों पर FIR दर्ज, होगी कड़ी कार्रवाई
श्रम प्रवर्तन अधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के सख्त प्रावधानों के तहत बाल श्रम कराने वाले दोनों नियोजकों (दुकान संचालकों) के खिलाफ राजगीर थाने में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है.
मामले में श्रम अधीक्षक नरेश प्रसाद ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बच्चों का सही स्थान कार्यस्थल या दुकानें नहीं, बल्कि विद्यालय है. नालंदा जिले में बाल श्रम के पूर्ण उन्मूलन के लिए ऐसे विशेष जांच अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे.
जांच दल में शामिल अधिकारी
इस विशेष धावा दल में राजगीर के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अभिषेक कुमार, सिलाव के एलईओ ओमप्रकाश चौधरी, आईडिया संस्था के उज्ज्वल कुमार, राजगीर थाना के उपेंद्र राम, आशुतोष कुमार और सपना कुमारी मुख्य रूप से शामिल थीं. श्रम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी दुकान या होटल में बच्चों से काम कराते दिखने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या श्रम विभाग को सूचित करें.
