राजगीर. एकल ग्राम संगठन दक्षिण बिहार भाग, भागलपुर अंचल के तत्वावधान में राजगीर प्रखंड के डुमरी में शनिवार को हिंदू जन-जागृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समाज को सनातन धर्म से जुड़ी पूजा-पद्धतियों, परंपराओं, रीति-रिवाजों एवं भारतीय संस्कारों के प्रति जागरूक करना है. कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सनातन धर्म की मूल अवधारणाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी पूजा-पद्धतियां केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जीवन को संयम, अनुशासन, नैतिकता और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं. उपस्थित लोगों को पारंपरिक पर्व-त्योहारों, सोलह संस्कारों तथा सामाजिक मूल्यों के महत्व की जानकारी दी गई. इस अवसर पर संभाग उपाध्यक्ष नलिनी राठौर ने कहा कि आज के समय में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में युवा पीढ़ी तेजी से पश्चिमी सभ्यता की ओर आकर्षित हो रही है, जिससे भारतीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों से दूरी बढ़ रही है. यह प्रवृत्ति न केवल युवाओं के भविष्य के लिए घातक है, बल्कि देश की प्राचीन और समृद्ध सभ्यता के लिए भी गंभीर चुनौती भी है. उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध संस्कृतियों में से एक है, जिसे बचाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. बच्चों को बचपन से ही संस्कार, अनुशासन और परंपराओं का ज्ञान देना आवश्यक है. निशा अग्रवाल ने कहा कि एकल अभियान के तहत डिजिटल माध्यम से शिक्षा का कार्य किया जा रहा है, जो सनातन धर्म और संस्कृति की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष एवं युवा उपस्थित रहे. सभी ने इस आयोजन को समाज के लिए उपयोगी बताया. इस अवसर पर संस्कार शिक्षा अध्यक्ष किरण अग्रवाल, डॉ निशा अग्रवाल, अजय सिंह, धर्मवीर कुमार ,प्रशिक्षण अभियान प्रमुख कर्मवीर प्रसाद, मुन्नू कुमार, गतिविधि प्रमुख संजय कुमार यादव, नरेश प्रसाद, सुरंजन कुमार, ममता कुमारी, भरत कुमार सहित अन्य उपस्थित थे.
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