खेलो इंडिया यूथ गेम्स की तैयारी में जुटे खिलाड़ी

जैसे- जैसे खेलो इंडिया यूथ गेम्स की तिथि नजदीक आ रही है, वैसे- वैसे खिलाड़ियों के दिल की धड़कने और चुनौतियां बढ़ती जा रही है.

राजगीऱ जैसे- जैसे खेलो इंडिया यूथ गेम्स की तिथि नजदीक आ रही है, वैसे- वैसे खिलाड़ियों के दिल की धड़कने और चुनौतियां बढ़ती जा रही है. चार मई से 15 मई तक होने वाले खेलो इंडिया यूथ गेम्स की प्रशासनिक और एसोसिएशन की तैयारी लगातार की जा रही है. प्रशिक्षकों और कोचों के द्वारा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है. खिलाड़ियों द्वारा भी प्रतियोगिता को चुनौती के रूप में स्वीकार किया गया है. इसलिये उनके द्वारा भी तैयारी में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा जा रहा है. भारत सरकार द्वारा खेल क्रांति को गति देने के लिए शुरू की गई खेलो इंडिया योजना के तहत खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन बिहार में किया जा रहा है. पहले कुछ को छोड़कर सभी खेल विद्याओं की प्रतियोगिता मगध साम्राज्य की ऐतिहासिक राजधानी राजगीर में ही होनी थी. लेकिन अब राजगीर के इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में केवल चार प्रतिस्पर्धा तलवारबाजी, हाॅकी, भारोत्तोलन और कबड्डी का आयोजन किया जायेगा. शेष विद्याओं का आयोजन राज्य की राजधानी पटना, देश की राजधानी दिल्ली, गया, भागलपुर और बेगूसराय में होना है. खेलो इंडिया यूथ गेम्स का पहली बार राजगीर में आयोजन होने से खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों में काफी खुशी है. लेकिन घोषणा के बाद भी अधिकांश खेलों का आयोजन राजगीर के इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में नहीं होने से मायूसी भी है. एशियन विमेंस हाॅकी के दौरान केन्द्रीय मंत्री द्वारा राजगीर में खेलो इंडिया यूथ गेम्स कराने की घोषणा की गयी थी. बावजूद केवल चार प्रतिस्पर्धा का आयोजन राजगीर में होना है. राजगीर के स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में फुटबॉल, तैराकी, बैडमिंटन, एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, तलवारबाजी, हाॅकी, भारोत्तोलन और कबड्डी आदि के ग्राउंड तैयार हैं. बावजूद उन सभी खेलों का आयोजन राजगीर में नहीं होगा, जिसके ग्राउंड तैयार हैं. खेल प्रेमी डाॅ अनिल कुमार, वार्ड पार्षद महेन्द्र यादव, केन्द्रीय पर्यटन सलाहकार डाॅ कौलेश कुमार, गोलू यादव एवं अन्य का मानना है कि अधिकांश प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन होता तो, वह राजगीर के लिए ऐतिहासिक साबित होता. बावजूद माना जा रहा है कि यह प्रतिस्पर्धा राजगीर के पर्यटन और खेल संस्कृतिक के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा. इससे खेल, पर्यटन, बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास में कई लाभ होंगे. इससे खेलों को बढ़ावा मिलेगा. पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी. रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. राजगीर की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होगी. यह आयोजन न केवल खेल के क्षेत्र में, बल्कि राजगीर की समग्र आर्थिक और सामाजिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा. बिहार में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है. लेकिन संसाधनों की कमी के कारण कई युवा अपने कौशल को निखार नहीं पा रहे हैं. राजगीर में खेल विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और खेल अकादमी के निर्माण से खेल के क्षेत्र में भी कैरियर बनाने की संभावनाएं बढ़ गयी है. यहां अनेकों खेल विद्याओं के नियमित प्रशिक्षण दिये जा रहे हैं. खेलो इंडिया यूथ गेम्स के माध्यम से राज्य और राजगीर में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा. इससे युवा खेलों में अपना कैरियर बनाने के लिए प्रेरित होंगे. — स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए खेल जरुरी खेलों का आयोजन न केवल प्रतिस्पर्धा का मंच देता है, बल्कि स्वास्थ्य और फिटनेस को भी बढ़ावा देता है. बिहार में खेलो इंडिया यूथ गेम्स से लोगों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी. इससे स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने, मोटापा कम करने और शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद मिलेगी.

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By Santosh kumar singh

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