नालंदा के खंडहरों पर जब ढला सूरज, सुनहरी रोशनी में निखर उठा सदियों पुराना इतिहास, जानें क्यों खास बन गई यह शाम?

Nalanda Ancient University Sunset : नालंदा के प्राचीन भग्नावशेषों पर ढलते सूरज की सुनहरी आभा ने पर्यटकों का मन मोह लिया। जानिए इतिहास और प्रकृति के इस अद्भुत मिलन की पूरी जानकारी।

Nalanda Ancient University Sunset : नालंदा की विश्व धरोहर में शुक्रवार शाम इतिहास और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिला. प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेषों पर अस्ताचलगामी सूर्य की सुनहरी किरणों ने ऐसा मनोरम दृश्य रचा कि परिसर में मौजूद देश-विदेश के सैलानी कुछ देर के लिए ठहर गए.

सुनहरी रोशनी में निखर उठे प्राचीन अवशेष

शाम ढलने के साथ सूर्य पश्चिमी क्षितिज की ओर बढ़ता गया और उसकी सुनहरी रोशनी नालंदा के प्राचीन ईंटों से बने अवशेषों पर बिखरती चली गयी. लालिमा और सुनहरी आभा में नहाए ये ऐतिहासिक अवशेष अपनी खूबसूरती की अलग ही तस्वीर पेश कर रहे थे.

एक तरफ सदियों पुराना इतिहास, दूसरी ओर बदलते आसमान के रंग

इतिहास के पन्नों में सदियों से ज्ञान के प्रमुख केंद्र रहे नालंदा में सूर्यास्त का यह दृश्य पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बना. एक ओर प्राचीन विश्वविद्यालय की गौरवशाली विरासत थी तो दूसरी ओर आसमान में बदलते रंगों के बीच अस्त होता सूर्य. दोनों का संगम पूरे परिसर को बेहद आकर्षक बना रहा था.

पर्यटकों ने कैमरों में कैद किया सूर्यास्त

इस मनोरम दृश्य को सैलानियों ने अपने कैमरों और मोबाइल में कैद किया. कोई प्राचीन भग्नावशेषों की पृष्ठभूमि में सेल्फी लेता नजर आया तो कोई सूर्यास्त के बदलते रंगों को कैमरे में संजोता दिखा. कई पर्यटक कुछ देर तक शांत होकर इस दृश्य को एकटक निहारते रहे.

बच्चों और विद्यार्थियों के लिए भी खास रहा नजारा

नालंदा घूमने पहुंचे बच्चों और विद्यार्थियों के लिए भी सूर्यास्त का यह दृश्य खास आकर्षण का केंद्र रहा. ऐतिहासिक अवशेषों को करीब से देखने के साथ प्रकृति के इस रूप को देखना उनके लिए यादगार अनुभव रहा.

सिर्फ खंडहर नहीं, ज्ञान की गौरवशाली विरासत है नालंदा

नालंदा केवल पुरातात्विक अवशेषों का स्थल नहीं है, बल्कि विश्व की प्राचीन ज्ञान-परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक भी है. यहां मौजूद भग्नावशेष आज भी शिक्षा, संस्कृति और इतिहास की गौरवशाली कहानी कहते हैं. ऐसे में सूर्यास्त की सुनहरी रोशनी इस ऐतिहासिक परिसर की खूबसूरती को और निखार देती है.

पर्यटकों ने बताया यादगार अनुभव

पर्यटकों का कहना था कि नालंदा में इतिहास को करीब से देखने के साथ प्रकृति के इस अनुपम रूप का साक्षी बनना सुखद संयोग है. ज्ञान की इस प्राचीन धरती पर ढलते सूरज का दृश्य लंबे समय तक उनकी स्मृतियों में बना रहेगा.

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By रामविलास प्रसाद

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