राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार ने राज्यभर में राजस्व कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए नई पदस्थापन सूची जारी कर दी है. इस प्रशासनिक संशोधन का असर नालंदा जिले की व्यवस्था पर भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है.
विभागीय आदेश के अनुसार नालंदा के 13 राजस्व कर्मचारियों का स्थानांतरण अन्य जिलों में संशोधित किया गया है, जबकि दो नए राजस्व कर्मचारियों को नालंदा में तैनात किया गया है.
विभाग द्वारा जारी शुद्धि पत्र आदेश (संख्या-4/क्षे.स्था. विविध-03-18/2026-4/रा.) के मुताबिक, 14 जुलाई 2026 को जारी स्थानांतरण सूची में संशोधन करते हुए नवादा के मूल निवासी रामानुज प्रसाद सिंह (वरीयता-139) तथा जहानाबाद के सतरंजन कुमार (वरीयता-1158) का नया पदस्थापन नालंदा जिले में किया गया है. विभाग का मानना है कि इनकी तैनाती से जिले के अंचलों में राजस्व कार्यों और जनहित के मामलों को गति मिलेगी.
किन जिलों में हुए हैं नालंदा के 13 कर्मचारी स्थानांतरित?
संशोधित आदेश के अनुसार, नालंदा जिले से कुल 13 राजस्व कर्मचारियों का तबादला विभिन्न जिलों में किया गया है, जिनका विवरण इस प्रकार है:
- खगड़िया: महताब हाशमी, ब्रह्म नंद प्रसाद, दिलीप कुमार, देश दीपक कुमार.
- शेखपुरा: बीरेश कुमार चौधरी.
- समस्तीपुर: कृष्ण कांत मंडल, उमेश चंद्र सुधाकर.
- जहानाबाद: पवन कुमार.
- बेगूसराय: विनोदानंद विनोद, सुरेश प्रसाद.
- नवादा: मनोज पंडित, सुधीर कुमार, अभिषेक कुमार शर्मा.
29 जुलाई से स्वतः विरमित, अगस्त का वेतन नए कार्य Am से
विभाग ने स्थानांतरण आदेश के अनुपालन को लेकर बेहद कड़े निर्देश जारी किए हैं. आदेश के अनुसार, सभी स्थानांतरित कर्मियों को 29 जुलाई 2026 के अपराह्न से स्वतः विरमित माना जाएगा और उन्हें अपने नए पदस्थापन वाले जिले में तत्काल योगदान देना होगा.
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगस्त 2026 का वेतन केवल उसी कार्यालय से निर्गत किया जाएगा, जहां संबंधित कर्मचारी नया योगदान देंगे. यदि कोई भी कर्मचारी निर्धारित समयावधि के भीतर अपने नए स्थान पर योगदान नहीं देता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
विशेष भूमि सर्वेक्षण में अमीनों की भारी कमी
दूसरी ओर, राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्य की समीक्षा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि बिहार में भूमि सर्वेक्षण का कार्य मानव संसाधन की भारी कमी से जूझ रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, राज्यभर में सर्वेक्षण कार्य के लिए कुल 13,920 पद स्वीकृत हैं, जिसके विरुद्ध वर्तमान में केवल 10,794 कर्मचारी ही कार्यरत हैं यानी स्पष्ट रूप से 3,126 पद रिक्त पड़े हैं. इनमें सबसे अधिक संकट अमीनों की कमी का है. राज्यभर में अकेले 2,477 अमीनों के पद खाली हैं, जिसके कारण जमीन की पैमाइश, नक्शा तैयार करने, भूमि सीमांकन और बंदोबस्त संबंधी कार्य की गति काफी प्रभावित हो रही है.
नालंदा में भी पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अमीनों की इस भारी कमी का प्रतिकूल असर नालंदा जिले में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण, जमाबंदी में सुधार, दाखिल-खारिज, सीमांकन तथा भूमि विवादों के त्वरित निपटारे पर भी पड़ सकता है. हालांकि, विभाग का कहना है कि रिक्त पदों को जल्द भरने और सर्वेक्षण कार्य को रफ्तार देने के लिए लगातार प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का मुख्य उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाते हुए सभी जिलों में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराना और विशेष सर्वेक्षण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है. विभाग ने सभी संबंधित जिला अधिकारियों को इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और नए पदस्थापित कर्मियों से अविलंब योगदान कराने का निर्देश दिया है.
