Nalanda News : ( कुमार उज्जवलानंद गिरि ) नालंदा जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा बुधवार को नगरनौसा प्रखंड के मध्य विद्यालय कैला में एमडीएम खाने से बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने के मामले को गंभीरता से लिया गया है. उन्होंने इस विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापिका एवं विद्यालय में पदस्थापित सभी शिक्षकों से स्पष्टीकरण की है.
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का निर्देश
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के विगत 05 फरवरी 2026 के पत्र का हवाला देते हुए कहा है कि विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना में फर्जी उपस्थिति को रोकने. भोजन की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्याहन भोजन परोसने के बाद विहित प्रपत्र में प्रतिवेदन तैयार किए जाने एवं उक्त प्रपत्र में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित सभी उपस्थित शिक्षकों का हस्ताक्षर अंकित करने का निर्देश दिया गया था.
संचालित मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता
इसके साथ ही साथ यदि किसी तिथि को संचालित मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, मात्रा या बच्चों की संख्या से कोई शिक्षक असहमत है तो अपनी असहमति का कारण भी उक्त प्रमाण पत्र में अंकित किए जाने का निर्देश दिया गया था.
उक्त प्रपत्र में उपस्थित सभी शिक्षकों का हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से किए जाने, अन्यथा यदि कोई शिक्षक हस्ताक्षर अंकित नहीं करते हैं तो उसे अनुपस्थित मानने का निर्देश दिया गया है.
मध्याह्न भोजन के संचालन में विभागीय निर्देश का अनुपालन नहीं
इसके बावजूद विद्यालय में मध्याह्न भोजन के संचालन में विभागीय निर्देश का अनुपालन नहीं करने के कारण कई छात्र- छात्राओं के बीमार हो जाने एवं अस्पताल में भर्ती होने की घटना घटी है.
उन्होंने कहा है कि जांच के क्रम में यह पाया गया कि उपरोक्त प्रमाण पत्र के संधारण में पदस्थापित 10 शिक्षकों में कुछेक शिक्षकों के ही हस्ताक्षर पाए गए हैं. पूर्व माह के प्रमाणपत्र संधारित नहीं पाए गए.
विभागीय निर्देश की घोर अवहेलना: जिला शिक्षा पदाधिकारी
यह विभागीय निर्देश की घोर अवहेलना है. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा है कि उपरोक्त कृत्य एक सरकारी कर्मी के कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता, मनमानी रवैया एवं विभागीय आदेश की अवहेलना को दर्शाता है.
इसके लिए उन्होंने विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षकों से पत्र प्राप्ति के साथ ही अपना-अपना स्पष्टीकरण कार्यालय को उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया है. संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं प्राप्त होने की स्थिति में शिक्षकों पर विभागीय कार्यवाही संचालित करते हुए उचित कार्रवाई की जाएगी.
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