Nalanda News : (कंचन कुमार) नालंदा शहर के अस्पताल चौक स्थित वासो साव चाय दुकान से नाला रोड मछली मंडी तक बनी स्मार्ट सिटी सड़क इन दिनों वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है. स्थानीय लोग सड़क को पंक्चर वाली सड़क के नाम से पहचानने लगे हैं. सड़क पर लेन निर्धारण के लिए लगाए गए प्लास्टिक रोड मार्कर और रिफ्लेक्टर टूट चुके हैं, लेकिन उन्हें लगाने के लिए लगाए गए लोहे के कील और बोल्ट अब भी सड़क पर उभरे हुए हैं. यही कील वाहन चालकों के लिए खतरा बन गए हैं.
बाइक और स्कूटी सवारों पर सबसे अधिक खतरा, फिसलने की बढ़ी आशंका
वाहन चालकों का कहना है कि सड़क से गुजरने के दौरान कई बार अचानक टायर पंक्चर हो जाते हैं. विशेष रूप से बाइक और स्कूटी सवारों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. तेज गति में चल रहे वाहन का पहिया जैसे ही सड़क पर उभरे लोहे के कीलों से टकराता है, टायर तुरंत पंक्चर हो जाता है. इससे चालक का संतुलन बिगड़ने और दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है.
अचानक हवा निकलने से सड़क पर फिसल रहे वाहन
स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार वाहन चालकों को यह समझ ही नहीं आता कि उनका वाहन अचानक असंतुलित क्यों हो गया. टायर की हवा निकलते ही बाइक और स्कूटी सड़क पर फिसल जाती हैं. हालांकि अब तक किसी बड़ी दुर्घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन छोटी दुर्घटनाओं और वाहन क्षति की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. इससे राहगीरों में भी डर का माहौल है.
नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रबंधन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने नगर निगम तथा स्मार्ट सिटी प्रबंधन से सड़क पर बचे लोहे के कीलों और क्षतिग्रस्त रोड मार्करों को तत्काल हटाने की मांग की है. विकास कुमार उर्फ गांधी जी, बैंक कर्मी विजय कुमार, शिक्षक टिंकू कुमार आदि लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क यदि आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाए तो निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठना स्वाभाविक है. प्रशासन से जल्द मरम्मत कर यातायात सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है.
