Nalanda News : (कंचन कुमार) नालंदा जिले में ऑनलाइन दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों के निपटान में प्रशासन ने रिकॉर्ड स्तर की उपलब्धि हासिल की है. जिले के 20 अंचलों में अब तक प्राप्त 4 लाख 23 हजार 133 आवेदनों में से 4 लाख 21 हजार 659 मामलों का निष्पादन कर 99.65 प्रतिशत सफलता दर्ज की गई है. इनमें 2 लाख 68 हजार 380 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 1 लाख 53 हजार 279 आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए.
रिजेक्शन की बढ़ती संख्या बनी चिंता
म्यूटेशन मामलों के तेजी से निष्पादन के बावजूद बड़ी संख्या में रिजेक्ट किए गए आवेदनों ने प्रक्रिया की पारदर्शिता और जांच व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिले में अभी भी 1474 आवेदन लंबित हैं। इनमें 792 मामले 35 दिनों और 312 मामले 75 दिनों से अधिक समय से पेंडिंग पड़े हैं. नियमानुसार सामान्य मामलों का निपटारा 35 दिन और विवादित मामलों का 75 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य है.
रहुई अव्वल, बिहारशरीफ की स्थिति सबसे कमजोर
अंचलवार रिपोर्ट में रहुई ने 79.89 प्रतिशत निष्पादन के साथ पहला स्थान हासिल किया है. नूरसराय 70.78 प्रतिशत और नगरनौसा 70.66 प्रतिशत के साथ अगले स्थानों पर हैं। वहीं बिहारशरीफ अंचल की स्थिति सबसे कमजोर रही, जहां केवल 21.59 प्रतिशत मामलों का ही निष्पादन हो सका.
लगातार मॉनिटरिंग से आई तेजी
विभागीय सूत्रों के अनुसार पिछले छह माह से प्रशासन लगातार समीक्षा बैठक और मॉनिटरिंग कर रहा है. नए एडीएम राजीव कुमार सिन्हा की सख्ती और सक्रियता को निष्पादन में सुधार का मुख्य कारण माना जा रहा है. राजस्व कर्मियों की कमी और हड़ताल जैसी समस्याओं के बावजूद मामलों के निपटारे में तेजी दर्ज की गई है.
बिंद और कतरीसराय में नहीं लंबित कोई पुराना मामला
रिपोर्ट के अनुसार बिंद और कतरीसराय अंचल में 75 दिनों से अधिक समय से लंबित एक भी म्यूटेशन आवेदन नहीं है. सरमेरा में इस श्रेणी का केवल एक मामला पेंडिंग है. विभिन्न कारणों से कुल 31 आवेदन अलग-अलग अंचलों में लंबित बताए गए हैं, जिनमें एकंगसराय और इस्लामपुर के मामले अधिक हैं.
