राजगीर नगर परिषद में पहली बार वोटिंग से चुनी गई सशक्त स्थायी समिति, नए चेहरों का कब्जा, पूर्व सदस्य हारीं

Nalanda News: राजगीर नगर परिषद में शनिवार 30 मई को पहली बार बैलेट पेपर से सशक्त स्थायी समिति का चुनाव हुआ. एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता की मौजूदगी में हुए मतदान में कुल 32 में से 29 वोट वैध पाए गए. इस चुनाव में महेंद्र यादव निर्विरोध चुने गए, जबकि अनीता सिन्हा ने श्याम नारायण को 21 मतों से और कुमारी सविता चंद्रवंशी ने पूर्व सदस्य सुषमा कुमारी को 4 मतों से हराकर जीत दर्ज की. इस बदलाव के साथ ही राजगीर नगर परिषद में सत्ता का नया समीकरण स्थापित हो गया है.

Nalanda News (रामविलास): अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर नगर परिषद की सियासत में शनिवार, 30 मई को एक ऐतिहासिक और बड़ा बदलाव देखने को मिला. नगर परिषद की बेहद पावरफुल ‘सशक्त स्थायी समिति’ के तीन सदस्य पदों के लिए आज हुए चुनाव में पूरी तरह से नए चेहरों ने बाजी मार ली है. राजगीर नगर परिषद के इतिहास में यह पहला मौका है जब वार्ड पार्षदों के प्रत्यक्ष मतदान (वोटिंग) के जरिए समिति के सदस्यों का लोकतांत्रिक तरीके से चयन किया गया है. इस हाईप्रोफाइल चुनाव को लेकर दोपहर तक नगर परिषद कार्यालय परिसर में भारी राजनीतिक गहमागहमी और सरगर्मी बनी रही. बताते चलें कि इससे पूर्व तक इस महत्वपूर्ण समिति के सदस्यों का चयन सभापति द्वारा सीधे मनोनयन के आधार पर किया जाता था.

एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता की देखरेख में मतदान, 32 में से 3 वोट पाए गए अमान्य

आज सुबह से शुरू हुई इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) सह निर्वाची पदाधिकारी सूर्य प्रकाश गुप्ता की सीधी देखरेख में पूरी तरह से शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराया गया. राजगीर नगर परिषद के सभी 32 वार्ड पार्षदों ने बारी-बारी से कतारबद्ध होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया. चुनाव में कुल 32 मतपत्र (बैलेट पेपर) डाले गए, जिनमें से तकनीकी त्रुटियों के कारण तीन मतपत्रों को संवीक्षा के बाद अवैध (रद्द) घोषित कर दिया गया.

प्रशासन की ओर से भयमुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए वोटिंग के दौरान पार्षदों के प्रतिनिधियों और समर्थकों को नगर परिषद कार्यालय परिसर से काफी दूर रखा गया था. मतदान की समय सीमा समाप्त होने के तुरंत बाद मतपेटियों को खोलकर काउंटिंग कराई गई. एसडीओ द्वारा चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा करने के बाद सभी विजयी उम्मीदवारों को पद एवं गोपनीयता की गरिमामयी शपथ दिलाई गई और प्रमाणपत्र सौंपे गए.

महेंद्र यादव निर्विरोध जीते; अनीता सिन्हा और सविता चंद्रवंशी ने दर्ज की शानदार जीत

आज संपन्न हुए इस त्रिकोणीय चुनावी मुकाबले में मुख्य रूप से तीन पदों पर नए चेहरों का उदय हुआ है:

  • महेंद्र यादव (निर्विरोध निर्वाचित): पहले पद के लिए महेंद्र यादव के खिलाफ किसी भी अन्य वार्ड पार्षद ने अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया था. इसके चलते निर्वाची पदाधिकारी ने उन्हें सर्वसम्मति से निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया.
  • अनीता सिन्हा (21 मतों से विजयी): दूसरे सदस्य पद के लिए अनीता सिन्हा और श्याम नारायण प्रसाद के बीच सीधा मुकाबला हुआ. इसमें अनीता सिन्हा ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 26 मत हासिल किए, जबकि उनके प्रतिद्वंदी श्याम नारायण प्रसाद को महज 5 वोटों से ही संतोष करना पड़ा. एक वोट रद्द होने के कारण अनीता ने 21 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी.
  • कुमारी सविता चंद्रवंशी (4 मतों से विजयी): सबसे कड़ा और दिलचस्प मुकाबला तीसरे पद के लिए देखने को मिला. इस सीट पर कुमारी सविता चंद्रवंशी का सीधा मुकाबला समिति की पूर्व सदस्य सुषमा कुमारी से था. कांटे की टक्कर में सविता चंद्रवंशी को 17 मत प्राप्त हुए, जबकि पूर्व सदस्य सुषमा कुमारी को केवल 13 मतों पर ही सिमटना पड़ा. दो वोट अवैध घोषित होने के कारण सुषमा कुमारी 4 वोटों के अंतर से यह प्रतिष्ठा का चुनाव हार गईं.

28 पार्षदों की गोलबंदी ने बदला सत्ता का समीकरण, जातीय संतुलन का रखा गया ध्यान

स्थानीय राजनैतिक हलकों और विशेषज्ञों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि इस बार नगर परिषद के भीतर 28 वार्ड पार्षदों की गुप्त गोलबंदी (सिंडिकेट) ने पूरे चुनावी समीकरण को उलट कर रख दिया. पूर्व सदस्य सुषमा कुमारी ने अंत तक चुनाव मैदान में डटकर चुनौती तो पेश की, लेकिन वे नए शक्ति संतुलन के आगे अपनी कुर्सी नहीं बचा सकीं.

नई सशक्त स्थायी समिति की सबसे खास बात यह है कि इसमें शामिल सभी नवनिर्वाचित सदस्य बिल्कुल नए चेहरे हैं. इसके साथ ही सामाजिक और जातीय समीकरण का भी इसमें खास संतुलन देखने को मिला है. नवनिर्वाचित सदस्यों में महेंद्र यादव और अनीता सिन्हा पिछड़ा वर्ग (BC) से ताल्लुक रखते हैं, जबकि कुमारी सविता चंद्रवंशी अति पिछड़ा वर्ग (EBC) का प्रतिनिधित्व करती हैं. वहीं, इस समिति के पदेन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से आते हैं. आज चुनाव परिणामों की घोषणा होते ही जहां विजेता खेमे में ढोल-नगाड़ों और अबीर-गुलाल के साथ जश्न का माहौल देखा गया, वहीं पराजित विरोधी खेमे में पूरी तरह से मायूसी साफ दिखाई दी.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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