नालंदा में दादा के श्राद्धकर्म के बाद गंगा में शुद्धिकरण स्नान करने गई पोती डूबी, मौत के बाद परिवार में मचा कोहराम

Nalanda News: नालंदा के रहुई थाना क्षेत्र के पुनहा गांव निवासी सीताराम चौधरी की 18 वर्षीय पुत्री काजल कुमारी की बाढ़ के उमानाथ गंगा घाट पर डूबने से मौत हो गई. परिवार के 20-25 लोग दादा के श्राद्धकर्म के बाद शुद्धिकरण स्नान के लिए गए थे. स्नान के दौरान तीन युवतियां गहरे पानी में चली गईं, जिनमें से दो को स्थानीय लोगों ने बचा लिया, जबकि काजल का शव गोताखोरों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद बरामद किया.

Nalanda News (अमर वर्मा): नालंदा जिले के रहुई थाना क्षेत्र अंतर्गत पुनहा गांव से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है. परिवार में बुजुर्ग दादा के निधन के बाद विधि-विधान से श्राद्धकर्म संपन्न हुआ था. इसके बाद शुक्रवार को शुद्धिकरण स्नान के लिए बाढ़ स्थित उमानाथ गंगा घाट गए परिवार के सदस्यों के बीच उस समय चीख-पुकार मच गई, जब गंगा स्नान के दौरान तीन युवतियां अचानक गहरे पानी में डूबने लगीं. घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों ने अदम्य साहस और तत्परता दिखाते हुए दो युवतियों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन एक युवती तेज धार में बह गई. करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों की मदद से उसका शव बरामद किया गया.

स्नान के दौरान अचानक बिगड़ा संतुलन, गहरे पानी में चली गईं तीन युवतियां

मृतक युवती की पहचान रहुई थाना क्षेत्र के पुनहा गांव निवासी सीताराम चौधरी की 18 वर्षीय पुत्री काजल कुमारी के रूप में की गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुनहा गांव से परिवार और सगे-संबंधियों समेत लगभग 20 से 25 लोग मृत बुजुर्ग (काजल के दादा) के श्राद्धकर्म के बाद अंतिम शुद्धिकरण के लिए प्रसिद्ध उमानाथ गंगा घाट पहुंचे थे.

घाट पर परंपरा के अनुसार मुंडन और अन्य धार्मिक कृत्यों के बाद काजल कुमारी अपनी दो अन्य सहेलियों/बहनों के साथ गंगा नदी में स्नान करने के लिए उतरी. इसी बीच, पैर फिसलने या पानी के तेज बहाव के कारण तीनों युवतियों का शारीरिक संतुलन अचानक बिगड़ गया और वे देखते ही देखते गहरे पानी में समाने लगीं तथा डूबते हुए शोर मचाने लगीं.

दो को स्थानीय लोगों ने बचाया, एक घंटे की खोजबीन के बाद मिला काजल का शव

लड़कियों को डूबता देख उमानाथ घाट पर मौजूद स्थानीय नाविकों और श्रद्धालुओं ने बिना वक्त गंवाए नदी में छलांग लगा दी. लोगों ने कड़ी मशक्कत कर दो युवतियों को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर खींच लिया. लेकिन, बदकिस्मती से काजल कुमारी नदी की मुख्य और तेज जलधारा की चपेट में आ गई, जिससे वह आंखों से ओझल हो गई.

घटना के बाद पूरे घाट पर अफरा-तफरी और कोहराम का माहौल कायम हो गया. तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया, जिसके बाद स्थानीय गोताखोरों को नदी में उतारा गया. करीब एक घंटे तक नदी की गहराइयों में सघन खोजबीन अभियान चलाने के बाद आखिरकार काजल कुमारी का बेजान शव बरामद कर लिया गया.

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

पिता का करुण बयान: बदहवास और गहरे सदमे में डूबे काजल के पिता सीताराम चौधरी ने रोते हुए बताया कि तीनों बच्चियां एक साथ ही पवित्र स्नान कर रही थीं. अचानक पानी का थाह न मिलने से वे गहरे कुंड में चली गईं. वहां मौजूद लोगों ने दो बच्चियों की जान तो बचा ली, लेकिन मेरी बेटी काजल को नहीं बचाया जा सका.

जिस घर में दादा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थनाएं चल रही थीं, वहां अचानक जवान बेटी की अर्थी उठने की नौबत आने से पूरे पुनहा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, खासकर महिलाओं के करुण क्रंदन से माहौल बेहद गमगीन हो गया है. घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव का पंचनामा कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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