(बिहारशरीफ, नालंदा से कुमार उज्ज्वलानंद गिरि की रिपोर्ट)
Nalanda News : नालंदा जिले के सभी सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में 30 मई को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा. इस बार कार्यक्रम का मुख्य विषय बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण रखा गया है. संगोष्ठी को लेकर जिले के सभी विद्यालयों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं और अभिभावकों को विद्यालय पहुंचने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है.
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर होगी विशेष चर्चा
समग्र शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मो. शाहनवाज ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ उनका मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत होना भी बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि अभिभावक अक्सर बच्चों को स्कूल भेजकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेते हैं, जबकि बच्चों को परिवार से संवाद, समय, प्रेम और समझ की भी आवश्यकता होती है.
संगोष्ठी में शिक्षक अभिभावकों के साथ बच्चों के व्यवहार, मानसिक तनाव, भावनात्मक विकास और सकारात्मक माहौल को लेकर विस्तार से चर्चा करेंगे. अभिभावकों को यह समझाया जाएगा कि बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका शारीरिक स्वास्थ्य और शिक्षा.
बेहतर अभिभावक और छात्र होंगे सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बेहतर मार्गदर्शन देने वाले एक अभिभावक को ‘पेरेंट्स ऑफ द मंथ’ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को ‘स्टूडेंट ऑफ द मंथ’ का सम्मान दिया जाएगा.
इसके अलावा विद्यालयों में सुझाव एवं शिकायत पंजी भी रखा जाएगा, जिसमें अभिभावकों की राय और शिकायत दर्ज कर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा.
अभिभावकों को दिए जाएंगे जरूरी सुझाव
संगोष्ठी में अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने, घर में पढ़ाई के लिए शांत वातावरण उपलब्ध कराने और गृहकार्य पर नजर रखने की अपील की जाएगी. साथ ही बच्चों के मोबाइल और टेलीविजन के सीमित उपयोग पर भी जोर दिया जाएगा.
सामूहिक संकल्प के साथ होगा कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम में सभी अभिभावकों को सामूहिक रूप से यह संकल्प दिलाया जाएगा कि वे बच्चों को साफ-सुथरे कपड़े और पौष्टिक भोजन के साथ प्रतिदिन विद्यालय भेजेंगे, उनकी पढ़ाई पर ध्यान देंगे और प्यार व धैर्य के साथ उनकी भावनाओं को समझेंगे.
