नालंदा में 35% से अधिक लोग तोड़ रहे ट्रैफिक नियम, नाबालिग चला रहे ई-रिक्शा, यातायात विभाग ने वसूला करोड़ों का जुर्माना

Nalanda News: यातायात विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 1,02,429 वाहनों की जांच में 35,861 से अधिक वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करते पाए गए, जो कुल जांचे गए वाहनों का लगभग 35.86 प्रतिशत है.

बिहारशरीफ से कंचन कुमार की रिपोर्ट
Nalanda News: नालंदा जिले में वर्ष 2025 के दौरान यातायात नियमों के पालन की स्थिति चिंताजनक रही. यातायात विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 1,02,429 वाहनों की जांच में 35,861 से अधिक वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करते पाए गए, जो कुल जांचे गए वाहनों का लगभग 35.86 प्रतिशत है. नियम तोड़ने वाले चालकों से वर्षभर में 8 करोड़ 26 लाख 63 हजार 900 रुपये का जुर्माना वसूला गया.

हेलमेट नहीं पहनने वालों से वसूला गया सबसे अधिक जुर्माना

यातायात विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों पर सबसे अधिक कार्रवाई हुई. केवल हेलमेट उल्लंघन के मामलों में 3 करोड़ 10 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया. वहीं अन्य यातायात अधिनियमों के उल्लंघन के मामलों में 4 करोड़ 36 लाख 77 हजार 900 रुपये की वसूली हुई, जो कुल जुर्माने का सबसे बड़ा हिस्सा है.

दोपहिया वाहन चालक रहे सबसे बड़े नियम उल्लंघनकर्ता

रिपोर्ट के अनुसार नियम तोड़ने वाले वाहनों में 36,550 दोपहिया वाहन शामिल थे, जबकि मात्र 179 चारपहिया वाहनों पर कार्रवाई दर्ज की गई. इससे स्पष्ट है कि जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन की सबसे अधिक घटनाएं दोपहिया वाहन चालकों से जुड़ी हुई हैं. यातायात पुलिस ने मुख्य रूप से हेलमेट, सीट बेल्ट, मोबाइल उपयोग और गलत दिशा में वाहन चलाने के मामलों पर कार्रवाई की.

नाबालिग चालकों और स्कूली वाहनों की जांच नहीं होने पर उठे सवाल

वर्ष 2025 में यातायात प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार पूरे वर्ष न तो किसी स्कूली वाहन की जांच की गई और न ही किसी नाबालिग चालक के खिलाफ कार्रवाई दर्ज की गई. जबकि जिले में किशोर अपराध, वाहन चोरी और शराब तस्करी के मामलों में नाबालिगों की संलिप्तता समय-समय पर सामने आती रही है.

सड़कों पर बढ़ रही नाबालिग ई-रिक्शा चालकों की संख्या

जिले में ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ रही है और हर वर्ष लगभग 2500 से 3000 नए ई-रिक्शा सड़कों पर उतर रहे हैं. चिंताजनक तथ्य यह है कि 18 से 20 प्रतिशत ई-रिक्शा नाबालिगों द्वारा चलाए जाने का अनुमान है. बिना लाइसेंस, ईयरफोन लगाकर या लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं.

बीमा जांच अभियान में शुरुआती तीन माह रहे सबसे सक्रिय

यातायात विभाग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में सबसे अधिक बीमा जांच जनवरी से मार्च के बीच की गई. कुल 1,02,429 वाहनों में से लगभग 73 हजार वाहनों की जांच केवल पहले तीन महीनों में हुई. प्रशासन का मानना है कि बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र की जांच से दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.

सीट बेल्ट और हेलमेट को लेकर जागरूकता अभी भी जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि सीट बेल्ट और हेलमेट सड़क सुरक्षा के सबसे प्रभावी साधन हैं. इसके बावजूद बड़ी संख्या में वाहन चालक इन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. सड़क हादसों में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कम करने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है.

ट्रैफिक सिग्नल और सीसीटीवी से व्यवस्था सुधारने की कोशिश

बिहारशरीफ शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आठ प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं. इसके अलावा शहर के 141 स्थानों पर 550 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं. प्रशासन का दावा है कि ई-चालान और निगरानी व्यवस्था से यातायात अनुशासन में सुधार देखने को मिला है.

जागरूकता और कार्रवाई दोनों जरूरी

डीएसपी यातायात खुर्शीद आलम ने कहा कि विभाग नियमित रूप से वाहनों की जांच कर रहा है और विशेष अवसरों पर परिवहन विभाग के साथ संयुक्त अभियान भी चलाया जाता है. सड़क सुरक्षा माह के तहत वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए नियम उल्लंघन करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

Also Read: छपरा में अमोनिया गैस रिसाव से दहशत, कोल्ड स्टोरेज में आधी रात फटा सिलेंडर, कई महिलाएं बीमार

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sakshi Kumari

साक्षी पत्रकारिता और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रुचि रही है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. साक्षी सीवान की रहने वाली हैं. उन्होंने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, जनसंचार और समाचार लेखन की बारीकियों का अध्ययन किया. स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद भी उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा जारी रखी और वर्तमान में नौकरी के साथ-साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही हैं.

पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने दैनिक भास्कर में इंटर्नशिप के दौरान फील्ड रिपोर्टिंग, समाचार संकलन और ग्राउंड रिपोर्टिंग की व्यावहारिक समझ विकसित की. इस दौरान उन्होंने समाचारों के विभिन्न पहलुओं को नजदीक से समझा और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से सीखा.

इसके बाद उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. जहां करीब तीन वर्षों तक डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहीं. इस दौरान उन्होंने राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण खबरों पर काम किया. News4Nation में कार्यरत रहते हुए उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की विस्तृत कवरेज की. चुनावी राजनीति, मतदाताओं के व्यवहार, राजनीतिक रणनीतियों और जमीनी मुद्दों को करीब से समझने का अवसर मिला. इस अनुभव ने उन्हें राजनीतिक खबरों को अधिक सटीकता, तथ्यों और विश्लेषण के साथ प्रस्तुत करने की विशेषज्ञता प्रदान की.

वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति, प्रशासनिक गतिविधियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी समझ है, जिसके अनुरूप वह खबरों को इस प्रकार तैयार करती हैं कि वे पाठकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें और खोज इंजन में बेहतर प्रदर्शन करें. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, उसकी त्वरित कवरेज और कम समय में सटीक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.

साक्षी किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं. वह विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही खबरों को प्रकाशित करती हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग में सटीकता और विश्वसनीयता बनी रहती है. न्यूजरूम में डेटा विश्लेषण, ट्रेंड मॉनिटरिंग और पाठकों की रुचि के आधार पर सर्वे एवं रिसर्च-आधारित खबरें तैयार करने में भी उन्हें बखूबी आता है.

निरंतर सीखने और बदलते मीडिया परिदृश्य के साथ स्वयं को अपडेट रखने की उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक बेहतर डिजिटल पत्रकार बनने के लिए प्रेरित करती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाली साक्षी पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >