Nalanda News : (कंचन कुमार) जिला उपभोक्ता आयोग, नालंदा ने उपभोक्ताओं के हित में दो महत्वपूर्ण मामलों में बड़ा फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी और दुकानदार को राहत देने से इनकार कर दिया. सबसे अहम मामले में एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को डेथ क्लेम विवाद में मृतक बीमाधारक के परिजनों को 14 लाख रुपये 12 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया गया है. वहीं एक अन्य मामले में खराब मसाला मशीन बेचने पर दुकानदार को भी हर्जाना भरने का निर्देश दिया गया है.
डेथ क्लेम खारिज करना कंपनी को पड़ा भारी
हिलसा थाना क्षेत्र के मोमिनपुर निवासी विजय कुमार शर्मा ने अपनी पत्नी उषा देवी के नाम पर एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस की पॉलिसी ली थी. एक प्रीमियम जमा होने के बाद वर्ष 2021 में उषा देवी की मौत हो गई. इसके बाद परिजनों ने बीमा राशि के लिए डेथ क्लेम किया, लेकिन कंपनी ने गलत जानकारी देने का आरोप लगाकर क्लेम खारिज कर दिया.
आयोग ने कहा- कंपनी का फैसला गलत
मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी के फैसले को गलत ठहराते हुए उसे निरस्त कर दिया. आयोग ने कंपनी को तीन माह के भीतर 14 लाख रुपये 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया. इसके अलावा मानसिक प्रताड़ना के लिए 50 हजार रुपये और मुकदमा खर्च के लिए 20 हजार रुपये देने का भी निर्देश दिया गया.
खराब मशीन बेचने पर दुकानदार पर भी कार्रवाई
उपभोक्ता आयोग ने एक अन्य मामले में खराब मसाला मशीन बेचने वाले दुकानदार के खिलाफ भी सख्त फैसला सुनाया. हिलसा थाना क्षेत्र के केशोपुर निवासी धनंजय कुमार ने वर्ष 2018 में पटना के देविका ट्रेडर्स से 43 हजार रुपये में मसाला पीसने की मशीन खरीदी थी.
शिकायत के बाद भी नहीं बदली मशीन
कुछ ही समय बाद मशीन खराब हो गई और सही तरीके से काम करना बंद कर दिया. उपभोक्ता द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद दुकानदार ने न मशीन बदली और न ही उसकी मरम्मत कराई. मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने दुकानदार को मशीन की कीमत 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया.
मानसिक प्रताड़ना के लिए भी देना होगा हर्जाना
आयोग ने दुकानदार को मानसिक प्रताड़ना के लिए 10 हजार रुपये और मुकदमा खर्च के रूप में 5 हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान करने का निर्देश दिया है. दोनों मामलों में आयोग के फैसले को उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में अहम माना जा रहा है.
