Nalanda News (कंचन कुमार): नालंदा समाहरणालय स्थित हरदेव सभागार में शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय और बेहद महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया. बिहार के उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति, संभावित बाढ़ एवं सुखाड़-2026 की पूर्व तैयारियों और जिला नागरिक परिषद की यह मैराथन बैठक संपन्न हुई.
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी (DM) कुंदन कुमार ने एक विस्तृत पीपीटी (PPT) प्रस्तुति के माध्यम से जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं और आगामी मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारियों का पूरा खाका पेश किया. समीक्षा के बाद उपमुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है; इसमें किसी भी स्तर पर सुस्ती या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मानसून से पहले नदी तटबंधों को सुरक्षित करने का कड़ा निर्देश
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए बैठक में बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल (बिहारशरीफ और एकंगरसराय) द्वारा चलाए जा रहे कटाव निरोधक और तटबंध सुरक्षा कार्यों की गहन समीक्षा की गई. विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अस्थावां, गिरियक, रहुई, हरनौत, बिंद, करायपरसुराय, हिलसा और एकंगरसराय प्रखंडों से गुजरने वाली जिराईन, पंचाने, सकरी, कुम्भरी, लोकाईन, पैमार और भूतही नदियों के संवेदनशील तटबंधों पर सुरक्षा कार्य बड़े पैमाने पर पूरे कर लिए गए हैं. डिप्टी सीएम ने बचे हुए कुछ स्थलों के निर्माण कार्यों को हर हाल में मानसून की पहली बारिश से पहले मुकम्मल करने का अल्टीमेटम दिया.
अस्पतालों में 24×7 तैनात रहेंगे डॉक्टर, जल संकट के लिए QRT टीमें एक्टिव
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी: संभावित आपदा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं और टीकों का पूरा ब्यौरा पेश किया. जिले में इस वक्त 1,247 स्नेक वेनम एंटी-सीरम (सांप काटने की दवा), 8,929 एंटी रैबीज वैक्सीन और 10,000 एनएडीसीसी टैबलेट (पानी साफ करने की गोली) स्टॉक में मौजूद हैं. अस्पतालों में डॉक्टरों की 24 घंटे उपलब्धता के लिए ड्यूटी रोस्टर और उनके मोबाइल नंबर दीवारों पर प्रदर्शित किए जा रहे हैं. इसके साथ ही 1 से 22 मई के बीच सरकारी अस्पतालों में 20,709 पैथोलॉजी, 9,369 एक्स-रे, 500 सीटी स्कैन और 783 अल्ट्रासाउंड जैसी मुफ्त जांचें की गई हैं, जिससे मरीजों का भरोसा बढ़ा है.
वहीं, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने पेयजल संकट पर रिपोर्ट देते हुए बताया कि बिहारशरीफ और हिलसा प्रमंडल के कुल 23,921 चापाकालों में से 20,743 चालू अवस्था में हैं. मार्च से अब तक 1,246 चापाकालों को ठीक किया जा चुका है और प्रभावित इलाकों के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) के साथ वाटर टैंकरों को अलर्ट पर रखा गया है.
सिंचाई से लेकर सात निश्चय-3, शिक्षा और कृषि योजनाओं पर लगी मुहर
बैठक में किसानों को राहत देने के लिए सिंचाई परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई. सात निश्चय-3 के तहत 42.95 करोड़ रुपये की योजनाओं को हरी झंडी दी गई है, जिससे 7,709 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई क्षमता बहाल होगी. इसके अलावा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट साझा की गई:
- शिक्षा अभियान: ‘स्कूल चलें हम’ के तहत 16,882 नए बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराया गया है.
- कौशल विकास: कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 1.11 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है.
- भत्ता व क्रेडिट कार्ड: निश्चय स्वयं सहायता भत्ता के तहत 35,676 और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का लाभ 16,987 छात्रों को मिला है.
- कृषि व पर्यावरण: वर्षा ऋतु 2026 में 1.50 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य है, साथ ही बेबी कॉर्न, ड्रैगन फ्रूट की खेती और बीपीएल परिवारों के बीच बकरी वितरण को रफ्तार दी जा रही है.
जनप्रतिनिधियों ने उठाए मुद्दे, तय समय में काम पूरा करने का आदेश
बैठक के अंतिम चरण में उपस्थित विभिन्न माननीय सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की टूटी सड़कें, सिंचाई की किल्लत, स्वास्थ्य केंद्रों में कमियां और पेयजल संकट से जुड़े जमीनी मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया. इन शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को ऑन-स्पॉट निर्देश दिया कि वे जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर त्वरित एक्शन लें. उन्होंने साफ कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर पारदर्शी निस्तारण करना ही सुशासन है; ग्रामीण सड़कों और पुलों के जो भी काम लंबित हैं, उन्हें समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करें.
