Nalanda News (कंचन कुमारी) : नालंदा के जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया गया है. जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की वर्ष 2026 की पहली उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई. इस समीक्षा बैठक के दौरान एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज विभिन्न मामलों, पीड़ितों को दी जाने वाली कानूनी व आर्थिक सहायता और थानों व न्यायालयों में लंबित कांडों की वर्तमान स्थिति पर बिंदुवार विस्तृत चर्चा की गई. बैठक में जिलाधिकारी ने पीड़ितों को ससमय न्याय और आर्थिक संबल देने की प्रतिबद्धता दोहराई.
607 लाभुकों के बीच बांटे गए 560 लाख रुपये, दो किस्तों में सीधे खाते में गई राशि
बैठक के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी ने वित्तीय प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में जिले के कुल 607 पात्र पीड़ितों को आर्थिक सहायता पहुंचाई गई है. इसके तहत 179 लाभुकों को कानूनी प्रावधानों के अनुसार प्रथम किस्त की राशि जारी की गई है, जबकि 428 लाभुकों को उनके मामलों की अगली कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर द्वितीय किस्त का भुगतान किया गया है. दोनों किस्तों को मिलाकर अब तक कुल 560 लाख (5.6 करोड़) रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर वितरित की जा चुकी है, जिससे जिले के सैकड़ों पीड़ित परिवारों को बड़ी तात्कालिक राहत मिली है.
64 पेंशनधारियों को मिल रही नियमित मासिक पेंशन; जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश
बैठक में कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि इस विशेष अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जिले के चिह्नित 64 गंभीर पीड़ितों व आश्रितों (पेंशनधारियों) को हर महीने नियमित रूप से मासिक पेंशन की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है.
समीक्षा के उपरांत जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने संबंधित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि वे विभिन्न स्तरों पर लंबित पड़े मामलों का त्वरित व समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अनुवादन और जांच में देरी के कारण किसी भी पात्र पीड़ित की सहायता राशि नहीं रुकनी चाहिए, बल्कि सभी को समय पर सरकारी मदद और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए.
