नालंदा में इबोला वायरस को लेकर अलर्ट, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

Nalanda News : बिहारशरीफ में इबोला वायरस को लेकर नालंदा जिला स्वास्थ्य महकमा हाई अलर्ट मोड में आ गया है. संभावित खतरे को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने जिले के सभी पीएचसी प्रभारियों, अनुमंडल अस्पतालों, रेफरल अस्पतालों और मॉडल सदर अस्पताल के अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों की तुरंत स्क्रीनिंग और जांच सुनिश्चित करने को कहा है.

Nalanda News : (रणजीत सिंह) बिहारशरीफ में इबोला वायरस को लेकर नालंदा जिला स्वास्थ्य महकमा हाई अलर्ट मोड में आ गया है. संभावित खतरे को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने जिले के सभी पीएचसी प्रभारियों, अनुमंडल अस्पतालों, रेफरल अस्पतालों और मॉडल सदर अस्पताल के अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों की तुरंत स्क्रीनिंग और जांच सुनिश्चित करने को कहा है.

फिलहाल जिले में कोई संदिग्ध मरीज नहीं

सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल नालंदा जिले में इबोला वायरस का कोई खतरा नहीं है और अब तक कोई संदिग्ध मरीज भी सामने नहीं आया है. बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है. उन्होंने कहा कि वरीय अधिकारियों से मिले दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.

संदिग्ध मरीज मिलने पर तुरंत होगी जांच और इलाज

स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि यदि कोई संदिग्ध मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचता है तो उसकी स्क्रीनिंग के बाद आवश्यक पैथोलॉजिकल जांच कराई जाए. केस कंफर्म होने की स्थिति में उपलब्ध संसाधनों और दवाओं के आधार पर तत्काल इलाज शुरू किया जाएगा. साथ ही ऐसे मामलों की सूचना तुरंत जिला स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों को देने का आदेश जारी किया गया है.

बेहद खतरनाक और संक्रामक है इबोला वायरस

सिविल सर्जन ने बताया कि इबोला वायरस एक बेहद संक्रामक और घातक वायरल बीमारी है. इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश शामिल हैं. वायरस के संपर्क में आने के 2 से 21 दिनों के भीतर इसके लक्षण सामने आ सकते हैं. बीमारी बढ़ने पर मरीज को गंभीर उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और शरीर से रक्तस्राव जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलता है वायरस

इबोला वायरस मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति या जानवर के शरीर के तरल पदार्थ जैसे रक्त, लार और पसीने के सीधे संपर्क में आने से फैलता है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखने और सावधानी बरतने की अपील की है.

इन लक्षणों को भूलकर भी नजरअंदाज न करें

इबोला वायरस के शुरुआती लक्षणों में अचानक तेज बुखार, ठंड लगना, अत्यधिक थकान, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश शामिल हैं. वहीं गंभीर स्थिति में पेट दर्द, लगातार उल्टी-दस्त, शरीर के अंदर और बाहर ब्लीडिंग, नाक और मसूड़ों से खून आना तथा लीवर और किडनी प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखने, नियमित रूप से हाथ धोने और मास्क-दस्ताने का उपयोग करने की सलाह दी है. इबोला से मृत व्यक्ति के शव को छूने से भी बचने को कहा गया है. साथ ही बंदर, चमगादड़ या अन्य जंगली जानवरों के कच्चे या अधपके मांस के सेवन से परहेज करने की अपील की गई है.

यात्रा से लौटे लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति इबोला प्रभावित क्षेत्र से यात्रा करके लौटा है और उसमें ऊपर बताए गए लक्षण दिखाई देते हैं तो वह बिना देरी किए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से संपर्क करे.

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Published by: Vivek Singh

विवेक सिंह माता सीता की धरती और मिथिला का द्वार कहे जाने वाले समस्तीपुर जिले से आते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले #The_Newsdharma के साथ डिजिटल मीडिया, ग्राउंड रिपोर्टिंग , और न्यूज़ लेखन के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव रहा है. सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, युवा, महिला सुरक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं. सरल, तथ्यात्मक और प्रभावी लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण खबरें और मुद्दे पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते हैं. NGO अमर शहीद बिपिन सिंह फाउंडेशन के साथ जुड़कर सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण ,रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर भी कार्य करने का अनुभव हैं.

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