Nalanda Dairy News : बिहार के नालंदा जिले में सुधा ब्रांड (Sudha Dairy) के उत्पादों को अब एक नया और बड़ा विस्तार मिलने जा रहा है. सोमवार को बिहारशरीफ स्थित नालंदा डेयरी परिसर में एक अत्याधुनिक दही-लस्सी प्लांट का शिलान्यास किया गया. इस मौके पर सम्राट चौधरी ने प्लांट के साथ-साथ पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया की भी आधारशिला रखी. इस नए प्रोजेक्ट के शुरू होने से न सिर्फ बाजार में सुधा उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को भी बड़ी आर्थिक मजबूती मिलेगी.
20 टन क्षमता वाले प्लांट का हुआ शिलान्यास
नालंदा डेयरी अब सिर्फ दूध के कलेक्शन और प्रोसेसिंग तक ही सीमित नहीं रहने वाली है. यहां प्रतिदिन 20 टन उत्पादन क्षमता वाले नए दही और लस्सी प्लांट की नींव रखी गई है. इस नई इकाई के चालू होने से सुधा ब्रांड के वैल्यू-एडेड (मूल्य संवर्धित) उत्पादों का बड़े पैमाने पर निर्माण होगा. इससे बाजार में लस्सी और दही की बढ़ती भारी डिमांड को आसानी से पूरा किया जा सकेगा.
दूसरे राज्यों की डिमांड भी होगी पूरी
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन दिनों बिहार के साथ-साथ कई पड़ोसी राज्यों में भी सुधा ब्रांड के दही और लस्सी की जबर्दस्त मांग है. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए इस हाई-टेक प्लांट को स्थापित किया जा रहा है. नया प्लांट शुरू होने से उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी प्रोडक्ट मिलेंगे और कॉम्फेड का व्यापारिक दायरा भी कई गुना बढ़ जाएगा.
परिसर में खुलेंगे पेट्रोल पंप और कैफेटेरिया
डेयरी उद्योग के विस्तार के साथ-साथ ग्राहकों और स्थानीय लोगों की सुविधा का भी खास ख्याल रखा गया है. प्लांट के शिलान्यास के साथ ही नालंदा डेयरी परिसर में एक पेट्रोल पंप और एक आधुनिक सुधा कैफेटेरिया की भी आधारशिला रखी गई. इन सुविधाओं के पूरी तरह शुरू होने से यह डेयरी परिसर एक बड़े व्यावसायिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बनाएगा.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ताकत
इस कार्यक्रम में डेयरी, मत्स्य एवं पशुपालन संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने अहम आंकड़े पेश किए. उन्होंने बताया कि सरकार के 100 दिन पूरे होने पर राज्य भर में 2,500 से अधिक नई दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों का गठन किया गया है. इन समितियों की मदद से गांव-गांव में दूध का कलेक्शन बढ़ रहा है, जिससे किसानों की आमदनी में सीधा इजाफा हो रहा है.
दो लाख नए किसानों को जोड़ने का लक्ष्य
नालंदा डेयरी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) अरविंद कुमार सिन्हा ने बताया कि नालंदा और शेखपुरा जिले में 2 लाख नए किसानों को डेयरी व्यवसाय से जोड़ने का बड़ा टारगेट रखा गया है. इसके लिए कई महीनों से जीविका दीदियों को खास ट्रेनिंग दी जा रही है. ये दीदियां गांवों में जाकर किसानों को संगठित करेंगी और दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित करेंगी, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा.
सुधा ब्रांड को ग्लोबल बनाने की तैयारी
कॉम्फेड के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य सुधा ब्रांड को सिर्फ राष्ट्रीय स्तर तक सीमित रखना नहीं है. नए निवेश, बेहतरीन क्वालिटी और आधुनिक तकनीक के दम पर इसे एक ग्लोबल डेयरी ब्रांड बनाने की दिशा में काम चल रहा है. नालंदा डेयरी की यह नई परियोजना इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने में निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी.
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