नालंदा के साठोपुर खंधा से मजदूर का शव बरामद, परिवार का इकलौता कमाने वाला था मृतक; लू से मौत की आशंका

Nalanda Crime News: बिहार के नालंदा में दीपनगर थाना क्षेत्र के साठोपुर बधार से पुलिस ने एक 53 वर्षीय मजदूर का शव बरामद किया है. परिजनों ने भीषण गर्मी और लू लगने से मौत होने की आशंका जताई है. पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें.

Nalanda Crime News(अमर वर्मा): बिहार के नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आ रही है. साठोपुर खंधा (बधार) से पुलिस ने एक 53 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति का शव संदेहास्पद स्थिति में बरामद किया है. इस घटना के बाद से पूरे स्थानीय इलाके में सनसनी फैल गई है, वहीं मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है. दीपनगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है.

सुबह 10 बजे घर से निकले थे, शाम को बधार में मिला शव

दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान स्थानीय व्यावाणी गांव निवासी बसंत रविदास के 53 वर्षीय पुत्र कैलु रविदास के रूप में की गई है. परिजनों ने बताया कि कैलु रविदास गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे अपने घर से बाहर निकले थे. इसके बाद वे वापस नहीं लौटे. शाम करीब 4 बजे स्थानीय ग्रामीणों ने साठोपुर खंधा के खेतों में एक अधेड़ व्यक्ति का शव पड़े हुए देखा. जब पास जाकर देखा गया, तो उनकी पहचान कैलु रविदास के रूप में हुई.

डायल 112 की टीम सबसे पहले पहुंची, पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

शव मिलने की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवा ‘डायल 112’ की टीम सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंची. इसके तुरंत बाद दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच का जिम्मा संभाला. पुलिस ने कानूनी और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया. देर शाम पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा.

परिजनों ने जताई लू की आशंका, परिवार के सामने आजीविका का बड़ा संकट

इस बीच, मृतक के परिजनों ने थाने में लिखित आवेदन देकर आशंका जताई है कि बधार में काम करने या चलने के दौरान अत्यधिक गर्मी और भीषण लू (Heatwave) की चपेट में आने के कारण उनकी मौत हुई है. मृतक कैलु रविदास पेशे से मजदूर थे और दिनभर हाड़-तोड़ मेहनत करके अपने परिवार का पेट पालते थे. वे अपने घर में इकलौते कमाने वाले सदस्य थे. उनकी इस असामयिक मृत्यु से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. वह अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और दो बेटियों का भरा-पूरा परिवार रोता-बिलखता छोड़ गए हैं, जिनके सामने अब दो वक्त की रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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