गिरियक (नालंदा) से रामनरेश सिंह की रिपोर्ट
Nalanda Bus Accident : मोतिहारी के एक ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले लोग डबल डेकर बस से नालंदा के अपने गांव लौट रहे थे. बस की छत पर साइकिल समेत अन्य सामान लदा हुआ था. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पावापुरी के शमवशरण मंदिर के पास पहुंचते ही बस की छत पर रखा सामान 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गया. देखते ही देखते पूरी बस में करंट दौड़ गया और उसमें सवार लोग इसकी चपेट में आ गए.
बस में चीख-पुकार मच गई. लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. स्थानीय ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया. नगर पंचायत पावापुरी के उप मुख्य पार्षद संजीव प्रसाद सिंह तथा ग्रामीणों के सहयोग से घायलों को तत्काल VIMS अस्पताल पहुंचाया गया. आगे अस्पताल से दो तस्वीरें देखिए…
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घर पहुंचने से पहले उजड़ गया परिवार
अस्पताल में चिकित्सकों ने घोसरावां निवासी 40 वर्षीय रुदल मांझी और उनकी 35 वर्षीय पत्नी फूलो देवी को मृत घोषित कर दिया. सात बच्चों के लिए मां-बाप की वापसी का इंतजार अब कभी खत्म नहीं होगा. मोतिहारी के ईंट-भट्ठे से महीनों की मजदूरी कर घर लौट रहे रुदल मांझी और उनकी पत्नी फूलो देवी को क्या पता था कि गांव पहुंचने से महज डेढ़ किलोमीटर पहले ही मौत उनका रास्ता रोककर खड़ी है.
बताया जाता है कि दोनों अपने चार बेटों और तीन बेटियों के लिए रोजी-रोटी कमाने बाहर गए थे. घर लौटने की खुशी में परिवार उनकी राह देख रहा था, लेकिन उनके आने से पहले ही मौत की खबर पहुंच गई. हादसे के बाद पूरे घोसरावां गांव में मातम पसर गया है.
हादसे में ढाई दर्जन मजदूर झुलसे
इस हादसे में करीना देवी, संतोष मांझी, पवन कुमार, सरोज देवी, कारू मांझी, रिंकू देवी, धर्मेंद्र मांझी और पुटूस कुमारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. वहीं करीब डेढ़ दर्जन अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं. घटना की सूचना मिलते ही गिरियक और पावापुरी पुलिस अस्पताल पहुंची. बाद में बीडीओ पवन कुमार ठाकुर, सीओ सन्नी कुमार तथा ओपी अध्यक्ष गौरव कुमार सिंह ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना.
बीडीओ ने बताया कि सरकारी प्रावधानों के तहत मृतकों के परिजनों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा. इस हादसे ने एक बार फिर बिजली के हाईटेंशन तारों के नीचे से गुजरने वाले भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
